अंबेडकर के गंदा आदमी होने के हजारों लाखों प्रमाण।
अंबेडकर ने संविधान का एक भी आर्टिकल नहीं लिखा।
अंबेडकर नाम भी उधार का है वो संविधान रचियता कैसे।
बी एन राव समर्थक रक्षक मोर्चा।
एंकर -: जिस अंबेडकर का खुद का नाम तक उधार में लिया गया है वह देश का संविधान क्या बनाएगा। अंबेडकर गंदा आदमी है मैं इसे प्रमाणित कर सकता हूँ मेरे पास इसके हजारों लाखों प्रमाण हैं संविधान का एक भी आर्टिकल अंबेडकर ने नहीं लिखा यह कहना है बी एन राव समर्थित रक्षक मोर्चे के एडवोकेट अनिल मिश्रा का। वे चैलेंज करते हैं की कोई भी अंबेडकरवादी उनसे बहस कर ले की अंबेडकर गंदा आदमी नहीं था।
यह हैं एडवोकेट अनिल मिश्रा जिनके आगे पुलिस प्रशासन नतमस्तक हो गया है उनके तमाम चैलेंज के बावजूद पुलिस प्रशासन उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रहा है। राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने अनिल मिश्रा पर एफआईआर तो कर दी लेकिन जब अनिल मिश्रा अपनी गिरफ्तारी देने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे तो पूरे पूरे पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूल गए और उन्हें समझा बूझकर वहां से वापस रवाना कर दिया। कह सकते हैं कि ग्वालियर कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान के निर्देश पर क्राइम ब्रांच पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही अब पुलिस के गले की हड्डी बन गई है जो ना तो निगल पा रहे हैं और ना ही उगल पा रहे हैं। अहम बात यह है कि अब अंबेडकरवादी और बी एन राव समर्थक ग्वालियर की सड़कों पर तांडव करेंगे और पुलिस प्रशासन पर एक तरफा कार्रवाई के आरोप तो पहले से ही लगे हैं जो किसी हद तक सच भी हैं।
अनिल मिश्रा प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन को भी यह कहकर कटघरे में खड़ा करते हैं कि जब बड़ी मात्रा में धर्मांतरण होता है सनातन धर्म के देवी देवताओं सवर्ण समाज के लोगों के खिलाफ मंच से गालियां दी जाती हैं तो पुलिस प्रशासन आंख बंद कर लेता है। सैकड़ो शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होती जबकि वोट बैंक की राजनीति के चलते सवर्ण समाज के किसी भी व्यक्ति पर तत्काल प्रभाव से फिर कर दी जाती है।
