
ये अस्पताल बीमार करता है इलाज नहीं… JAH का संवेदनहीन प्रबंधन
देखिए एक्सक्लूसिव वीडियो……
ग्वालियर के सबसे बड़े चिकित्सालय समूह में ग्वालियर और दूर दराज के क्षेत्रों से आने मरीजों और उनके अटेंडरों के साथ हर रोज क्या बीतती है ये हम आपको बताते हैं। ध्यान से देखिए और महसूस कीजिए आपके पैसे से ही आपका शोषण करने के नए नए तरीके ईजाद किए जाते हैं। ग्वालियर चम्बल संभाग के सबसे बड़ा अस्पताल जिसे आपके ही टैक्स के पैसे से बनाया गया है।यह अस्पताल बनने से पहले ये दावे किए जा रहे थे कि यहाँ विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी लेकिन इस 7 मंजिला इमारत में मरीज और उसके परिजन यहाँ वहाँ भटकने को मजबूर हैं। यहाँ का लचर और लापरवाह प्रबंधन केवल जनता के टैक्स के पैसे से तनख्वाह लेता है लेकिन जनता के प्रति उसकी कोई जिम्मेदारी नजर नहीं आती।
ताज़ा उदाहरण आपको बताते हैं यहांँ भर्ती अपने मरीज को देखने और उसे खाना देने के लिए एक परिवार ग्राउंड फ्लोर से लेकर छठवीं मंजिल तक सीढ़ियों से जाता है क्योंकि 550 करोड़ रुपए की लागत से बने इस अस्पताल की लिफ्ट मरीज के अटेंडरों के लिए नहीं है। खैर वो परिवार अपने छोटे मासूम को लेकर किसी तरह छठवीं मंजिल तक पहुंचता है तो छठवीं मंजिल का गेट बंद मिलता है क्योंकि साहब का हुक्म है कि किसी के लिए दरवाजा न खोला जाए।
दरअसल गलती इन लाट साहबों की बिल्कुल नहीं है गलती हमारी है जो इन काले अंग्रेज़ों को हमने सिर पर बैठा रखा है। गौर करने वाली बात ये है कि व्यवस्था के नाम पर ये काले अंग्रेज़ों ने आम जनता का शोषण करने का लायसेंस सरकार से ले लिया है
