गंदा है पर धंधा है ये_ग्वालियर जेल में अवैध कारोबार का खुलासा_ऊपर तक पहुँचता है वसूली का पैसा
एंकर -: आपने फिल्मों में अक्सर जेल के अंदर कैदियों के ऐशो आराम करते दृश्य देखे होंगे जेल कर्मचारियों का भ्रष्टाचार भी फिल्मों में बखूबी फिल्माया गया है जिसे देखकर हम जेल के अंदर की अवैध गतिविधियों से परिचित होते हैं। दरअसल जेल वो जगह है जहाँ अपराधियों को उनके अपराध की सजा भुगतनी पड़ती है। लेकिन जब सजा का पालन करवाने ही भ्रष्टाचार में लिप्त हैं तो अपराधियों के हौसले बुलंद हो जाते हैं।
ऐसा ही एक मामला ग्वालियर सेंट्रल जेल में सामने आया जहाँ सेंट्रल जेल के अंदर कैदियों को दी जाने वाली अवैध सुविधाओं का खुलासा जेल के ही एक पूर्व कैदी ने किया है। ग्वालियर कलेक्ट्रेट में शिकायती आवेदन लेकर पहुँचे सेवढ़ा के होलकर रिषपाल सिंह बघेल ने जेल में अवैध रूप से कैदियों को बेची जाने वाली गुटखे की पुड़िया बीड़ी सिगरेट तंबाकू 20 गुना तक कीमतों पर बेचे जाने का आरोप लगाया है।वहीं रिषपाल सिंह बघेल ने जेल अधीक्षक पर आरोप लगाते हुए पेरोल पर जाने वाले कैदियों से 5 लाख रुपए तक रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगाए हैं। कैदियों को फोन पर बात कराने के लिए 100 रूपये लिए जाते हैं। जेल के अंदर गांजा चरस का अवैध व्यापार भी हो रहा है। रिषपाल के मुताबिक जेल में कैदियों से वसूली का पैसा ऊपर तक जाता है। अब देखना यह है कि केंद्रीय जेल प्रबंधन जो अपने कारनामों को लेकर अक्सर विवादों में रहता है क्या इस बार उस पर कार्रवाई होगी क्योंकि सैंया भए कोतवाल तो डर काहेका की तर्ज पर जेल में प्रतिबंधित वस्तुओं और वसूली के अवैध धंधे का खेल जारी है।
