प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का स्वागत करने आए भगवान शिव कैलाश लौटे,
विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं की भीड़ में फँसे महादेव और माता पार्वती
कैलाश पर्वत को छोड़कर आए देवों के देव महादेव को भाजपा के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष का स्वागत करने का मौका नहीं मिला तो बेचारे ग्वालियर से बैरंग वापिस लौट गए। कारण स्पष्ट है कि विश्व की सबसे बड़ी पार्टी में करोड़ों कार्यकर्ताओं की भीड़ में बेचारे भगवान शिव कार्यकर्ताओं की भीड़ में फँस कर रह गए।
क्या भाजपा के कार्यकर्ता अपने प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को महादेव पार्वती से बड़ा मानते हैं

बीते दिनों विश्व की सबसे बड़ी और सनातन संस्कृति का पर्याय बन चुकी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के ग्वालियर आगमन के दौरान उनके स्वागत में सृष्टि के संहारक भगवान शंकर भी अपने पलक पांवड़े बिछाए नजर आए। आप सोचने पर मजबूर हो जाएँगे कि कहाँ भगवान शिव और कहाँ अदने से मानव हेमंत खंडेलवाल। लेकिन ये सच है आप तस्वीरों में देखेंगे कि हेमंत खंडेलवाल के स्वागत में ग्वालियर शहर में लगे मंचों में से एक पर भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ में माता पार्वती के साथ महादेव भी नजर आए। इसका अर्थ साफ है कि सनातनी परंपरा की सबसे बड़ी पार्टी ही एक मानव को ईश्वर से बहुत ऊपर देखती है। हालांकि इससे पहले अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं को भगवान के रूप में दिखाने पर यही भाजपा सड़कों पर आंदोलन कर चुकी है लेकिन वो कहते हैं न हम करें तो लीला और तुम करो तो ऊधम वाली परिपाटी अपनाते हुए भाजपा के लिए सारे खून माफ हैं। अहम बात ये है कि भाजपा नेताओं द्वारा सनातन धर्म संस्कृति के अपमान पर अब तक सभी हिन्दुओं की जुबान को लकवा मार गया है। वहीं वर्तमान जिलाध्यक्ष की मौजूदगी में हुए इस अपमान पर पार्टी भी चुप्पी है। अब देखना ये है कि ग्वालियर के सनातनी संस्कृति और हिन्दुत्व परंपरा के झंडाबरदार कहे जाने वाले ग्वालियर चम्बल के हिन्दू भाजपा के इस कृत्य पर क्या प्रतिक्रिया देंगे।
