मनुस्मृति दहन से गुस्साए युवा एडवोकेट ने जला दिया अम्बेडकर का पुतला
पुलिस से हुई झूमाझटकी
मौके पर पहुँचे दलित संगठनों ने भी ठोंकी ताल।
क्या एक बार फिर से देश को दंगों में झोंकने की साजिश है या फिर कोई अनदेखी अनजानी ताकत बरसों से शांति के टापू रहे मध्यप्रदेश सरकार में अशांति फैलाने का प्रयास जो भी हो लेकिन पिछले दिनों अम्बेडकर विवाद से दहला ग्वालियर एक बार फिर से चर्चाओं में है क्योंकि सनातन संस्कृति और हिन्दुत्व का पर्याय रही मनुस्मृति जिसके आधार पर प्राचीनकाल में कर्म के आधार पर वर्ण व्यवस्था को लागू हुई जिसे लोग भूल चुके हैं लेकिन केवल अपनी राजनीति चमकाने और खुद को पीड़ित दर्शाने के लिए उसे एक बार फिर से सामने ले आए हैं। 25 दिसंबर की देश प्रदेश के दलित संगठनों द्वारा मनुस्मृति दहन दिवस का आयोजन बड़े पैमाने पर किया गया। या कहें कि देश में बेहद अल्प संख्या में हो चुके एक वर्ग को भड़काने की साजिश के चलते भरे मंचों से दलित नेताओं द्वारा मनुस्मृति को जलाया गया। बता दें कि सत्ता पाने को आतुर दलित संगठन लगातार देश के मात्र 3 प्रतिशत से भी कम संख्या वाले वर्ग के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन करने में जुटे हैं यही वजह रही कि मनुस्मृति दहन दिवस मनाए जाने के बाद एक गुस्साए युवा ने अम्बेडकर का पुतला दहन करने की कोशिश की देखिए क्या है पूरा मामला।
कौन हैं ये दलित नेता जो ब्राह्मणों को 3 परसेंट बताकर डरा रहा है और एडवोकेट अनिल मिश्रा को गाली दे रहे हैं
एंकर -: ग्वालियर, 25 दिसम्बर को देश भर में दलित संगठनों द्वारा में मनु स्मृति दहन दिवस मनाए जाने को लेकर सवर्ण समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है और इसी के चलते सवर्ण समाज के कुछ युवाओं द्वारा आज दोपहर 3 बजे आकाशवाणी तिराहे पर डॉ भीमराव अंबेडकर का पुतला दहन करने का प्रयास किया गया। मौके पर पहुंचे पुलिस प्रशासन ने आंदोलनकारियों से पुतला छीन लिया। वहीं अम्बेडकर का पुतला दहन करने की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे दलित संगठनों के लोगों ने गाली गलौज कर दिया जिससे टकराव की स्थिति निर्मित हो गई। लेकिन पुतला दहन करने की कोशिश नाकाम करते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया। पुतला दहन करने आए एडवोकेट आशुतोष दुबे को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया। वहीं दूसरी ओर दलित संगठनों के नेताओं ने डॉ अम्बेडकर का पुतला दहन करने वालों को देर तक गाली देते रहे।
बाइट-: आशुतोष दुबे आंदोलनकारी सवर्ण समाज
बाइट-: अनु बेनीवाल एडिशनल एसपी ग्वालियर
