दागी डिप्टी कलेक्टर ने जाँच खत्म होने के लिए ठगों को दे दिये 3 लाख,
मामला खुला तो पुलिस की आई याद_उच्चशिक्षित भी ठगों के शिकार तो आम जनता का क्या…?
एंकर-ग्वालियर साइबर ठगों ने विभागीय जांच झेल रहे एक डिप्टी कलेक्टर से लाखों की ठगी कर ली. मुरैना में तैनात रहे डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर को एक महिला द्वारा अभद्रता करने के आरोप लगाए जाने के बाद सरकार ने निलंबित कर दिया था. वह थाटीपुर थाना क्षेत्र में रहते हैं.अरविंद माहौर को 4 महीने पहले एक फोन आया था. जिसमें फोन करने वाले ने उन्हें सीएम हाउस से अपना संबंध बताते हुए विभागीय जांच से बचाने का झांसा दिया था।फोन करने वाले ने बताया था कि वह उनके खिलाफ चल रही जांच को रुकवा देगा और उन्हें उससे बरी करा देगा।फोन करने वाले ने ऑनलाइन वॉलेट और बैंक खातों के जरिए 19 अक्टूबर से 1 अक्टूबर के बीच उनसे दो लाख 95 हजार रुपये वसूल लिए। इसके बाद भी फोन करने वाला डिप्टी कलेक्टर माहौर से और पैसे मांगने की डिमांड करता रहा। इस पर डिप्टी कलेक्टर को शक हुआ और उन्होंने इसकी शिकायत थाटीपुर थाने में की।जांच करने पर ट्रूकॉलर से यह फोन किसी सीएम पोर्टल अश्वनी के नाम से प्रदर्शित हो रहा है। साइबर क्राइम पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है और पैसा ट्रांसफर हुए खातों को भी खंगालना शुरू कर दिया है।
बाइट-: अनु बेनीवाल,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,ग्वालियर
