शंकराचार्य का UGC पर बड़ा हमला_कहा_जब पहले से ही इतने कानून हैं तो नए बिल की क्या जरूरत_इससे विद्वेष और अराजकता पैदा होगी_शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भी किया समर्थन
ग्वालियर पहुंचे द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है की गंगा स्नान करने से किसी को नहीं रोका जा सकता है। गंगा स्नान से रोकना प्रशासन का काम नहीं है बल्कि प्रशासन का काम गंगा स्नान कराना है। जब करोड़ों लोगों को स्नान करने के लिए कहा गया था तो महाराज जी के साथ तो सिर्फ 100 लोग थे। जिम्मेदारी संभालने के लिए अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति होती है। उन्हें सभी तरह के अधिकार दिए जाते हैं ताकि साधु संतों और स्नान करने आए यात्रियों को, उन सभी को जिनकी गंगा के प्रति भक्ति है उन्हें सुविधा प्राप्त कराए। यह उनकी जिम्मेदारी है अगर शंकराचार्य अखाड़े वहां स्नान नहीं कर पाएंगे,तो फिर माघ मेला का महत्व ही क्या रह जाएगा.? गंगा तो गंगोत्री से गंगा महासागर तक जाती है कहीं भी नहा लिया जाएगा। लेकिन त्रिवेणी संगम में स्नान करने का अलग ही महत्व है। इसलिए शंकराचार्य पीठ शास्त्रों की आज्ञा का पालन करने वाले हैं। प्रशासन का कार्य है कि उन्हें प्रजा के हित में कार्य करना चाहिए।
UGC को लागू करने को लेकर शंकराचार्य सदानंद स्वामी सरस्वती जी ने कहा कि कोई अन्याय करता है उसके लिए पहले से ही कानून मौजूद है। अलग से कानून बनाने की क्या आवश्यकता है..? इससे विद्वेष और आपस में अराजकता बढ़ेगी, झगड़ा बढ़ेंगे इस कानून को लाने की आवश्यकता ही नहीं थी। अपराधी है उसको दंड दीजिए लेकिन जाति के आधार पर कानून बनाने की क्यों बात की जा रही है। यह तो आपस में झगड़ा करने की बात है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी सरस्वती को लेकर जगतगुरु भद्राचार्य स्वामी ने गंगा स्नान के तरीके को गलत बताते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की कार्रवाई को ठीक बताया था, उसे पर शंकराचार्य सदानंद स्वामी सरस्वती ने टिप्पणी करने से मना कर दिया और कहा कि किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी हम नहीं करते हैं।
शंकराचार्य बनाए जाने को लेकर लगातार उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए शंकराचार्य सदानंद स्वामी ने सवाल पूछते हुए कहा कि शंकराचार्य सरकार बनाती है क्या..? सरकार को अधिकार है शंकराचार्य और अखाड़े का आचार्य बनाने का। इसीलिए महामंडलेश्वर अखाड़े का आचार्य बनाने का अधिकार सरकार को शासन को प्रशासन को बनाने का अधिकार है क्या..? शंकराचार्य सदानंद स्वामी ने बताया कि शंकराचार्य का शिष्य ही शंकराचार्य होगा.। हमारे पूजनीय गुरु जी के सिर्फ दो ही दंडी संन्यासी शिष्य थे जिनका उन्होंने दंडी दिया। एक तो वह इसलिए शंकराचार्य है क्योंकि वह शिष्य है और अन्य शंकराचार्यों ने उनका अभिषेक किया है। अब इसके अलावा और क्या प्रमाण चाहिए।
शंकराचार्य सदानंद स्वामी सरस्वती ने राजनीतिक मुद्दों पर बोलने से मना कर दिया।
बाइट _ शंकराचार्य सदानंद स्वामी सरस्वती
