नवग्रहों की बिगड़ी चाल…
नवग्रह स्थापना में अपशगुन ने ली महिला की बलि,
कलशयात्रा के आयोजकों पर एफआईआर करने की हिम्मत है क्या प्रशासन में…?
पुरानी कहावत है कि कोई भी बड़ा कार्य बलि लेता है और कुछ हद तक ये सिद्ध भी हुआ है। चाहे ग्वालियर में 500 करोड़ की लागत से बना एयरपोर्ट हो या देश भर में बनने वाले विशालकाय ब्रिज और मेट्रो रेल प्रोजेक्ट या बड़े बड़े बाँध हर बड़ी संरचना के निर्माण में बलि ली या फिर दी गई है और ये बलि हमेशा आम आदमी की दी जाती है। इस देश में कभी कोई वीआईपी या नेता की बलि नहीं दी जाती पता नहीं क्यों हर बार की तरह इस बार भी डबरा की नवग्रह शक्तिपीठ की स्थापना महोत्सव में अकाल मौत मरने वाली एक गरीब महिला ही थी।
क्या है पूरा मामला कैसे डबरा की जनता को झेलना पड़ा नवग्रहों का प्रकोप
नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित कलश यात्रा के दौरान स्टेडियम ग्राउंड में भगदड़ मचने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों का उपचार डबरा एवं ग्वालियर के अस्पतालों में जारी है। हादसे को लेकर ग्वालियर आईजी अरविंद सक्सैना का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं और भीड़ नियंत्रण की समीक्षा की जा रही है।
वहीं आपको बता दें कि आयोजनकर्ताओं को इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने का अनुमान नहीं था। निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक महिलाएं स्टेडियम ग्राउंड में पहुंच गईं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जैसे ही कलश वितरण शुरू हुआ, आगे बढ़ने की होड़ मच गई और इसी दौरान भगदड़ की स्थिति निर्मित हो गई।
गौरतलब है कि स्टेडियम ग्राउंड में पूर्व में भी बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान कलश वितरण में अव्यवस्था की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद भीड़ प्रबंधन और वितरण प्रणाली को लेकर अपेक्षित सख्ती और रणनीति नहीं अपनाई गई। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस अमला सक्रिय हुआ है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लापरवाही किस स्तर पर हुई और भविष्य में ऐसे आयोजनों में किस प्रकार की अतिरिक्त सावधानियां बरती जाएंगी। वहीं परिजनों ने मृत्यु महिला के शव को थाने में रख कर कर विरोध प्रदर्शन किया परिजनों का विरोध प्रदर्शन उस वक्त समाप्त हुआ जब खुद पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा डबरा सिटी थाने पहुंचे और उन्होंने परिजनों से बात की इसके बाद बीच का रास्ता निकाला और परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के लिए राजी हुए हैं।
