यहाँ टीचरों को राष्ट्रगान नहीं आता…

ये अनपढ़ देश का भविष्य बनाएँगे…???

देश के हर बच्चे हर नागरिक को राष्ट्रगान कंठस्थ याद है और हो भी क्यों ना यह राष्ट्रगान हमारी अस्मिता और राष्ट्रभक्ति का परिचायक होता है लेकिन सवाल तब उठ खड़ा होता है जब देश का भविष्य संवारने वाले शिक्षक ही राष्ट्रगान को तिलांजलि दे दे जी हां यह अनोखा मामला सामने आया है ग्वालियर के डबरा ब्लॉक में स्थित नुन्हारी गांव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में जहांँ स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक शिक्षक बच्चों के साथ राष्ट्रगान का पाठ कर रहा था लेकिन बच्चों ने तो बिल्कुल सही उच्चारण किया और पूरी तरह से लेबद्ध नजर आए लेकिन शिक्षक ने बीच में अपनी टांग गुजार दी या कह सकते हैं कि बीच राष्ट्रगान में ही उसने एक बार फिर से प्रथम पंक्ति को दोहरा दिया इस कह सकते हैं कि शिक्षक को सालों पढ़ते हुए हो चुके हैं लेकिन बावजूद इसके अब तक उन्हें राष्ट्रगान भी पूरी तरह से याद नहीं है हम नहीं कह रहे कि यह राष्ट्रगान का अपमान है यह स्वतंत्रता दिवस का अपमान है लेकिन सवाल तब उठता है कि जब शिक्षक ही इस तरह के कृत्य करने लगे हैं तो देश का भविष्य है उसके मन मस्तिष्क पर किस तरह प्रभाव पड़ेगा, दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों में इन बातों पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता लेकिन सोशल मीडिया के दौर में एक वीडियो ने ग्रामीण शिक्षा की पोल खोल कर रख दी है सुनिए यह राष्ट्रगान।
बच्चों को याद रहा शिक्षक भूल गए

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