अकेले चला था जानिब ए मंजिल लोग साथ आते गए काफिला बनता गया…
देखिए खास वीडियो…..
https://youtu.be/AEY0RkrEinE?si=pO5MHC67kWPcw1oE
ये साबित किया है ग्वालियर चंबल अंचल के सबसे लोकप्रिय और युवा नेता शिवराज यादव ने। जहाँ एक ओर देश का युवा वर्ग इस उम्र में मौज मस्ती में मशगूल रहता है वहीं कुछ युवा ऐसे भी हैं जो अपने भविष्य की चिंता करते हुए दिन रात पढ़ाई और मेहनत करते हैं और परिवार का पालन पोषण करते हैं लेकिन वहीं ग्वालियर जिले के छोटे से गांव से निकलने वाले युवक शिवराज यादव ने समाज और देश की सेवा को ही अपना ध्येय बना लिया है। शिवराज यादव के सेवाभाव को देखते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उन्हें हर मौके पर अपना आशीर्वाद प्रदान किया है।
गरीबों के लिए दयाभाव और संवेदना ने शिवराज को बनाया जनप्रिय नेता
चाहे वो गरीब ग्रामीणों की मदद हो या कोरोनाकाल में आम जनता के लिए सहायता प्रदान करना हो। शिवराज ने समाज के हर तबके के हर व्यक्ति की खुले दिल से मदद की है। आज भी इस युवा नेता के दरवाजे पर हर दिन लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचते हैं।
शिवराज यादव भारतीय जनता पार्टी का एक आम
कार्यकर्ता हैं जिसे संगठन में अब तक कोई भी अहम जिम्मेदारी नहीं मिली है। बावजूद इसके शिवराज यादव ने अपने परिवार के वरिष्ठ जनों से प्रेरणा लेकर समाज और देश के लिए सेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
जनसेवा का जुनून है शिवराज की असली ताकत
युवा नेता शिवराज यादव लोगों को जमीनी स्तर पर लोगों की सहायता करने का माद्दा भी रखते हैं। शिवराज यादव कहीं न कहीं समाज के उस गरीब तबके की आवाज बन चुके हैं जिसे कोई सहारा नहीं देता। यहाँ तस्वीरों में आप देखेंगे कि एक निजी कंपनी के मजदूर की मौत के बाद शिवराज ने कंपनी और प्रशासन से गरीब मजदूर को सहायता दिलवाने में अहम भूमिका निभाई। सर्वहारा समाज को साथ लेकर चलने वाले शिवराज यादव अपने क्षेत्र के अलावा पूरे चम्बल अंचल में ही नहीं अपितु मध्यप्रदेश में सेवा के क्षेत्र में बहुत कम समय में एक दैदीप्यमान नक्षत्र बनकर उभरे हैं।
देशी खेलों को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहे शिवराज
शिवराज यादव की युवा वर्ग में लोकप्रियता का आलम इस कदर है कि किसी भी स्थिति में उनकी एक आवाज पर हजारों युवा खड़े होने को तैयार रहते हैं।
वहीं शिवराज यादव द्वारा हर वर्ष कराए जाने वाले देशी खेलों के मेगा ऑलम्पिक का आयोजन मध्यप्रदेश की पहचान बन गया है। ग्रामीण इलाकों में विलुप्त होते ग्रामीण खेलकूद जैसे बैलगाड़ी दौड़, घुड़दौड़, कुश्ती, पहलवानी, और विभिन्न तरह के देशी खेलों के आयोजन का इंतजार ग्वालियर ग्रामीण की जनता को बेसब्री से रहता है। इस ग्रामीण ऑलम्पिक में ग्वालियर के अलावा दूर दूर से खिलाड़ी भाग लेते हैं। यदि यह कहा जाए कि बिना किसी शासकीय सहायता और दखल के देशी खेलों को बढ़ावा देने में शिवराज यादव का योगदान सराहनीय रहा है।
प्रचार प्रसार से दूर रहते हुए जनसेवा है शिवराज का लक्ष्य
युवा नेता के तौर पर पहचान बना चुके शिवराज यादव ने बहुत अल्प समय में अपने राजनीतिक सफर में अनेक प्रतिमान गढ़े हैं। प्रचार प्रसार माध्यमों से दूर मीडिया की नजरों में आए बिना जनसेवा करने का जुनून शिवराज को नई पीढ़ी के नेताओं से अलग करता है। जहाँ एक ओर युवा खुद का चेहरा चमकाने के लिए प्रयासरत रहते हैं वहीं शिवराज यादव बिना किसी दिखावे के चुपचाप ग्रामीण इलाकों में जनता के बीच जाकर उनकी सहायता में तत्पर रहते हैं। बाढ़ग्रस्त इलाकों में मदद पहुंचाना हो या किसी ग्रामीण को इलाज की सुविधा मुहैया कराना शिवराज हर परिस्थिति में जनता के साथ नजर आते हैं। इसके लिए वे प्रशासनिक अधिकारियों से सामंजस्य भी बनाए रखते हैं।
भाजपा के लिए समर्पित युवा कार्यकर्ताओं के बड़े समूह का नेतृत्व करते हैं शिवराज यादव
अपने पिता पूर्व जिला पंचायत सदस्य पप्पन यादव से राजनीति का ककहरा सीखने वाले शिवराज यादव ग्रामीण अंचल में खासा प्रभाव रखते हैं। ग्रामीण समस्याओं का तत्काल निराकरण करने हेतु और गांव की जनता से सतत् सम्पर्क रखने शिवराज ने व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है। जिसके जरिए ग्रामीण जनों की समस्या दूर करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही शिवराज यादव द्वारा प्रतिदिन ग्रामीण इलाकों का दौरा कर लोगों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए भाजपा संगठन को मजबूत बनाए जाने की दिशा में लगातार प्रयासरत रहते हैं। बता दें कि ग्रामीण इलाकों में विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान शिवराज यादव की मेहनत से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम भाजपा के पक्ष में आए थे। जिसके चलते मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी शिवराज यादव द्वारा पार्टी के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की थी।
