नई पीढ़ी को पता है अपना लक्ष्य इसलिए ये ज्यादा Focused हैं
10th 12th की परीक्षाओं में छात्रों के साथ शिक्षा विभाग पुलिस प्रशासन का भी टेस्ट
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाओं का आगाज 25 फरवरी से होने वाला है और यही वजह है कि अब सरकार के साथ जिला प्रशासन पुलिस बल और शिक्षा विभाग परीक्षाओं की तैयारी में जुट गया है। पहली बार अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जाएंगे। हालांकि सभी परीक्षा केदो पर सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से प्रशासन द्वारा बनाए गए कंट्रोल रूम से सतत निगरानी की जाएगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल के साथ उड़नदस्ते में प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
https://www.facebook.com/share/v/18qkAPG3BX/
10th और 12th के परीक्षार्थी किस तरह से तैयारी कर रहे हैं और क्या उनका लक्ष्य है इस विषय पर हमने बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्रों से चर्चा की और इस चर्चा में हमने पाया की अधिकांश छात्रों ने अपना लक्ष्य निर्धारित कर लिया है और वे काफी उत्साहित है आत्मविश्वास से भरे हुए हैं और सभी बच्चे आने वाले भविष्य के प्रति निश्चिंत नजर आते हैं। इसके साथ ही स्कूलों शिक्षक भी अपनी मेंटर की भूमिका में आ चुके हैं जिससे बच्चों पर परीक्षाओं का बोझ कम करने की कवायद की जा रही है।
देखिए बच्चों से खास बातचीत किस तरह से कर रहे हैं परीक्षा की तैयारी।
लोक शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक दीपक पांडे का कहना है कि ग्वालियर चम्बल अंचल में ढाई लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा देंगे। 445 परीक्षा केंद्रों में परीक्षा संचालित होंगी, 126 संवेदनशील और 83 अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी और जैमर लगाए गए हैं। कमजोर छात्रों के लिए खास व्यवस्था की गई है कि सभी छात्रों की प्रीबोर्ड परीक्षा लेकर छात्रों की कमजोर कड़ियां तलाश कर उन्हें अलग से क्लास दी जाती है। वही दीपक पांडे का मानना है की जो छात्र परीक्षा में कम नंबर लाते हैं वे भी अन्य क्षेत्रों में काफी सफल होते हैं। परीक्षा केवल एक माध्यम है आगे बढ़ने के लिए। बच्चों को परीक्षाओं का तनाव नहीं लेना चाहिए और इसके साथ ही उनके माता पिता को भी अनावश्यक दबाव नहीं देना चाहिए।
शिक्षा विभाग पुलिस प्रशासन की टीमें भी तैयार
वहीं हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी की स्कूली परीक्षाओं के लिए पूरी तैयारी के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार का कहना है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। नकल रोकने के लिए जैमर और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। अजय कटियार कहते हैं कि परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा सामग्री पहुंचाने का काम जारी है और जो शिक्षक परीक्षा कार्य में लापरवाही भर देंगे उनके लिए अत्यावश्यक सेवा अधिनियम के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी जिसमें अधिकतम तीन साल तक का कारावास है।
