दबंगों की हिमाकत_कोर्ट में जज के सामने फरियादी को खींचा

भू माफिया हड़प रहे आदिवासियों की जमीन…
कोर्ट में से फरियादी को खींच कर ले जाने पर जज ने लगाई लताड़…
प्रशासन को आदिवासियों की जमीन को संरक्षित करने के दिए निर्देश…
अशोकनगर में आदिवासी को बंधक‌ बनाकर जमीन हड़पने का मामला…

ग्वालियर चम्बल अंचल में आदिवासियों पर लगातार बढ़ते अत्याचार के साथ उनको मिली पट्टे की जमीनों को भी दबंग हड़पने में लगे हैं।
हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अशोकनगर जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि वह 10 दिनों के भीतर जिले भर में आदिवासियों के नाम पर जमीन की वस्तु स्थिति देखें और यह भी पता लगे कि कितने आदिवासी प्रभावशाली लोगों के यहां काम कर रहे हैं ।पिछले 10 सालों में आदिवासियों के नाम पर जमीन की खरीद फरोख्त की जानकारी भी अशोकनगर कलेक्टर हाई कोर्ट में पेश करें। इसके साथ ही बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका कर्ता छोटेलाल को उसकी पत्नी मुन्नी बाई के साथ पुलिस अभिरक्षा में रवाना किया गया। एडवोकेट विभोर साहू के मुताबिक हाई कोर्ट ने पाया है कि यह बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका न होकर मामला बंधुआ मजदूरी का है। अशोकनगर में आदिवासियों के नाम पर पहले जमीन का आवंटन फिर दूसरों के नाम जमीन का नामांतरण और मूल आदिवासियों को प्रभावशाली लोगों के यहां बंधुआ मजदूरी करने पर मजबूर करने का इस मामले से खुलासा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि डिवीजन बेंच में याचिका कर्ता छोटेलाल को जिन लोगों के द्वारा कोर्ट में पेश किया गया। वही उसे जबरन बाहर ले जाने लगे। यह देख कोर्ट का माथा ठनका और जब हकीकत सामने आई तब सभी चौंक गए। हाई कोर्ट ने अब अशोक नगर जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वह आदिवासियों की वस्तु स्थिति के बारे में विस्तार से पता लगाएं। यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा आदिवासियों से बंधुआ मजदूरी कराई जा रही है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। हाई कोर्ट में छोटेलाल ने बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी । जिसमें कहा गया था कि उसकी पत्नी मुन्नी बाई को कुछ लोगों द्वारा बंधक बनाकर रखा गया है। इसमें उनके नजदीकी रिश्तेदार और कुछ प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं। अशोक नगर पुलिस ने मुन्नी बाई को पेश किया तब उसने बताया कि उनके पति को खुद रणवीर सिंह ने बंधक बनाकर रखा हुआ है। शाम को कोर्ट उठने से पहले छोटे लाल को बैजनाथ शर्मा गौरव आदि ने न्यायालय में पेश किया ।लेकिन यह लोग मामला उल्टा पड़ता देख छोटेलाल को कोर्ट से बाहर खींचने लगे इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और पूरी वस्तु स्थिति को समझा। हाईकोर्ट ने पाया कि मामला आदिवासियों का नाम पर जमीन की बंदर बांट का है। जिसमें प्रभावीशाली लोग प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। इसके बाद कोर्ट के निर्देश पर छोटेलाल और उसकी पत्नी को ईसागढ़ तहसील के शंकरपुर के लिए रवाना किया गया। मुन्नी बाई के नाम पर अभी 20 बीघा से ज्यादा जमीन है जिसे यह लोग हथियाना चाहते हैं। पता ये भी चला है कि एक पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक का भी इस मामले में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष भूमिका है। अशोकनगर में सारा खेल आदिवासियों के नाम पर चल रहा है और उन्हें जमीन से बेदखल किया जा रहा है ।अब 11 मार्च को इस मामले की अगली सुनवाई होगी।

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