ग्वालियर में प्रधानमंत्री आवास के नाम पर गरीबों के साथ छलावा।
गरीबो के फ्लैट नेताओं और अफसरों ने हथियाए।
असामाजिक तत्वों को किराए से दिए फ्लैट_सुविधा सुरक्षा भी भगवान भरोसे
एंकर -: हर गरीब का सपना होता है खुद का एक आशियाना लेकिन यह आशियाना भी सरकारी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया और अब सरकार द्वारा बनाए गए गरीबों के आवासों पर राजनीतिक रसूख रखने वाले अपराधी और असामाजिक तत्व काबिज हैं।
ग्वालियर विधानसभा में सरकार द्वारा विकास के सभी दावे धराशाई नजर आ रहे हैं। यहां के निवासियों की माने तो स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सालों से उनकी सुधि नहीं ली है। दरअसल ग्वालियर विधानसभा के मानपुर में शासन ने गरीबों के रहने के लिए आवास तो बना दिए लेकिन यह गरीब सुविधा सुरक्षा और मौलिक अधिकार से अब तक वंचित हैं। ग्वालियर कलेक्ट्रेट में पहुंची यह महिलाएं मानपुर फेस 2 की सरकारी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की रहवासी हैं। इनका कहना है कि मानपुर के शासकीय आवास में 50 परसेंट फ्लैटों का आवंटन पैसे वाले लोगों को कर दिया गया और उन रसूख दार लोगों ने अपने फ्लैट्स असामाजिक तत्वों और अवैध किराएदारों के हवाले कर दिया है। यहाँ न सुरक्षा है न सुविधा क्योंकि नगर निगम के भ्रष्टाचार के चलते शासकीय आवास भी सुरक्षित नहीं हैं इन महिलाओं की किराए का मकान से अपने मकान में पहुंचने की खुशी उस समय खत्म हो गई जब यहाँ न पानी मिला न सुरक्षा और न ही कोई सुविधा सरकारी दावों के ठीक उलट यहाँ अपराधी भी हैं और चोरियां भी बेशुमार हैं। वहीं दूसरी ओर खुद को जनसेवक कहने वाले प्रदेश के ऊर्जा मंत्री और स्थानीय विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आज तक यहाँ कदम नहीं रखा है। यह महिलाएं 2 साल से ग्वालियर नगर निगम एसपी ऑफिस और कलेक्ट्रेट समेत सभी विभागों से गुहार लगा चुकी है लेकिन बावजूद इसके न तो स्थानीय नेता सुनने को तैयार है और ना ही बेलगाम अधिकारियों के कानों पर जूँ रेंग रही है। बड़ा सवाल यह है कि बेघर बेघर और गरीबों के लिए बनाए आशियाने उन्हीं की जान के दुश्मन बन गए हैं
