कृषि उपज मंडी बोर्ड में भ्रष्टाचार का खुलासा…
ट्रांसपोर्टर दीपक तोमर ने किया पर्दाफाश…
अनाज के अवैध परिवहन का बड़ा खुलासा…
कौन कौन है अवैध परिवहन में शामिल…
वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर मंत्री तक पहुंचता है रिश्वत का हिस्सा…
एक गाड़ी के 7 हजार रूपए की रिश्वत लेता है मंडी बोर्ड …
40 मंडियों के अधिपति (संयुक्त संचालक) एस के कुमरे के खिलाफ गंभीर आरोप…
साल में करोड़ों के राजस्व की हानि…
फर्जीवाड़े और रिश्वत के खेल में कितना है गोलमाल…
किस किस के पास पहुंचती है रिश्वत की काली कमाई…
देखिए सिर्फ ungali.in की खास रिपोर्ट
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मध्य प्रदेश की कृषि उपज मंडी बोर्ड के अधिकारियों कर्मचारियों व्यापारियों की मिली भगत से शासन को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है। व्यापारियों और अधिकारियों की मिली भगत से कृषि उपज का अवैध परिवहन लगातार जारी है और साथ ही जारी है मध्य प्रदेश मंडी बोर्ड के भ्रष्ट अधिकारियों की काली कमाई। और यह हम नहीं कह रहे यह बयान करती हैं यह तस्वीरें जो कि निजी ढाबों पर ट्रांसपोर्टर और व्यापारियों के साथ मंडी कर्मचारियों की मिली भगत की एक लंबी दास्तान कहती नजर आती हैं।

मंडी बोर्ड के संयुक्त संचालक एस के कुमरे पर ये आरोप है कि उनकी नियुक्ति 50-60 लाख रुपए देकर ग्वालियर मंडी बोर्ड में हुई है। अब ये आरोप कितना सच है कितना झूठ ये तो मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी बोर्ड के एमडी जानें या कुमरे लेकिन बिना आग के धुंआ नहीं उठता। कुछ तो है जिसकी पर्दादारी है।
इससे पहले हमने आपको दिखाया था की किस तरह से एक ट्रांसपोर्ट ट्रांसपोर्ट माफिया के साथ संभाग के उड़न दस्ते में तैनात कर्मचारियों की पार्टी चल रही है। दरअसल जिस ट्रांसपोर्ट माफिया के साथ इन कर्मचारियों की मिलीभगत के वीडियो सामने आए थे अब उसी ट्रांसपोर्ट संचालक ने सामने आकर इसका खुलासा किया है। ट्रांसपोर्ट संचालक दीपक तोमर ने अपनी सफाई देते हुए मंडी बोर्ड के संयुक्त संचालक एस के कुमरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यही नहीं दीपक तोमर ने ग्वालियर कृषि उपज मंडी बोर्ड के संयुक्त संचालक एसके कुमरे के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत की है। दीपक तोमर का कहना है की संयुक्त संचालक और उनके उड़ान दास के द्वारा मुझे कई बार बुलाकर अनाज के अवैध परिवहन के लिए दबाव डाला गया। जो व्यापारी पैसा देते हैं उनके नंबर पहले से ही मंडी बोर्ड के उड़न दस्ते के पास होते हैं और उसे लिस्ट के हिसाब से फिर उन गाड़ियों को छोड़ देते हैं सूत्रों की मानें को हर दिन लगभग 500 से 600 गाड़ियां अनाज के अवैध परिवहन में लिप्त हैं। उनका कहना है की सागर संभाग के संयुक्त संचालक एस के कुमरे हाल ही में ग्वालियर आए हैं और ये लगातार मुझ पर बिना गेट पास की गाड़ियों को निकलवाने के लिए कहते हैं।
इनके अंडर में संभाग की 40 कृषि उपज मंडियां आती हैं। और इन सभी मंडियों में जो गाड़ियां बिना गेट पास के निकलती हैं उससे शासन के राजस्व का नुक़सान हो रहा है। अधिकारी कर्मचारी ये भी कहते हैं कि अधिकारियों और नेताओं को पैसा जाता है लेकिन कोई शिकायत नहीं होती कोई कार्रवाई नहीं होती उड़नदस्ता भी केवल खानापूर्ति करता नजर आता है। क्योंकि मांग पूरे कुएं में घुली है क्योंकि यदि दीपक तोमर की मानें तो एमडी से लेकर सभी वरिष्ठ अधिकारियों को इसमें से हिस्सा मिलता है।
