ग्वालियर में कोरोना से मौत को बता दिया डेंगू
स्वास्थ्य विभाग ने पोर्टल से भी हटा दी जानकार
एंकर- मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग में कोरोना की रफ्तार अब बढ़ती जा रही है..ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कोरोना के आंकड़े छिपाने में जुटे हैं। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब एक मरीज की मौत के बाद उसका इलाज करने वाले GRMC के तीन जूनियर डॉक्टर कोरोना के शिकार हो गए…लेकिन मरीज की मौत को डेंगू से होना बताया गया.. जबकि कोरोना पोर्टल पर उस मरीज की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव है !
वीओ-: देशभर में एक बार फिर से कोरोना ने दस्तक दे दी है मध्य प्रदेश की बात की जाए तो कोरोना के मामले अब तक 50 से ज्यादा सामने आ चुके हैं.. ऐसे में कोरोना के आंकड़ों को छुपाने का मामला भी ग्वालियर से सामने आया है.. मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब जिला शिवपुरी एक मरीज काशीराम जाटव को यूरिन इंफेक्शन की शिकायत के चलते 21 मई को GRMC (गजराराजा मेडिकल कॉलेज) समूह के जयरोग्य अस्पताल (JAH) में भर्ती कराया गया था..ओर 30 मई को सर्जरी से मेडिसिन के ICU में शिफ्ट किया गया था जहां 1 जून को उसकी मौत हो गई। इलाज के दौरान
काशीराम की कोरोना जांच के लिए सैंपल भी लिया गया था.. अस्पताल प्रबंधन ने काशीराम की मौत को डेंगू से पीड़ित होना बताया था.. लेकिन दो दिन बाद ही काशीराम का इलाज करने वाले तीन जूनियर डॉक्टर कोरोना से संक्रमित हो गए ? उनकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई.. इसके बाद उन्हें होमआइसोलेशन के लिए भेजा गया है.. वहीं मृतक काशीराम की कोरोना रिपोर्ट.. कोरोना पोर्टल पर पॉजिटिव दर्ज की गई है.. तो फिर ऐसे में सवाल खड़े होते हैं काशीराम की मौत को डेंगू से होना क्यों बताया जा रहा है ?.. दूसरा सवाल अगर काशीराम डेंगू से पीड़ित था तो उसका इलाज करने वाले 3 जूनियर डॉक्टर कोरोना से संक्रमित कैसे हुए ?..जब मरीज के संपर्क में आने वाले जूनियर डॉक्टर संक्रमित हो गए तो मरीज को डेंगू कैसे हो सकता है ? इससे स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कोरोना के आंकड़े छिपाने में जुट गया है.. इस मामले में GRMC के डीन डॉ आरकेएस धाकड़ का कहना है कि ऑपरेटर की गलती से काशीराम का कोरोना पोर्टल पर कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव दर्ज हो गई थी जिसे हटा दिया गया है..
वीओ- आपको बता दें कि JAH अस्पताल प्रबंधन की एक ओर बड़ी लापरवाही सामने आई है काशीराम का इलाज करने के दौरान कोरोना से संक्रमित हो चुके तीन जूनियर डॉक्टरों को अस्पताल प्रबंधन है होमआइसोलेशन के लिए भेज दिया है.. लेकिन इन तीन जूनियर डॉक्टर ने काशीराम के साथ-साथ एन मरीजों का इलाज किया था उनका कोरोना सैंपल अस्पताल प्रबंधन में लेना उचित नहीं समझा.. इससे साफ तौर पर स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कोरोना के आंकड़ों को छुपाने में जुटे हुए हैं।
बाइट-डॉ आरकेएस धाकड़
डीन-GRMC, ग्वालियर।
