कुकर्मी तहसीलदार का सिस्टम और कानून को चिढ़ाता चेहरा।
चार महिलाओं से अवैध संबंधों का फरार आरोपी कोर्ट में हाजिर।
ग्वालियर में आखिरकार पांच महीने से फरार चल रहे तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान ने सोमवार को जिला न्यायालय में एडीजे कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उन पर एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया था। वह नौकरी से लगातार गैर हाजिर चल रहे थे। वहीं पुलिस की ओर से उन पर ₹5000 का इनाम घोषित किया गया था।
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वी ओ- तहसीलदार के कोर्ट में हाजिर होने के बाद तत्काल मामले की विवेचना कर रहे पुलिस अधिकारी को मौके पर बुलवाया गया और औपचारिकता पूरी करने के बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। इससे पहले तहसीलदार चौहान ने जिला न्यायालय और हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। जिसे खारिज कर दिया गया था, निचली अदालतों से राहत नहीं मिलने के बाद तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था,। लेकिन उन्हें वहां से भी कोई राहत नहीं मिली थी उच्चतम न्यायालय ने तहसीलदार को कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए गए थे। पता यह भी चला है कि दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला ने आरोपी तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह की गिरफ्तारी पर अपनी ओर से ₹50000 का इनाम देने की घोषणा की थी।तहसीलदार शत्रुघ्न चौहान पर पीड़ित महिला ने पत्नी बनाकर रखने और लगातार शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया था। उसका यह भी आरोप है कि तहसीलदार चौहान से उसका एक बेटा भी है जिसका वह डीएनए मैच कराने के लिए तैयार है। ग्वालियर के महिला थाने में तहसीलदार चौहान के खिलाफ 15 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। तहसीलदार चौहान पर पहले से ही कई मामले दर्ज हैं। आरोप यह भी है कि वह रेत माफिया से मिले हुए हैं और कई अन्य महिलाओं से संबंध बना चुके हैं ।फिलहाल पुलिस ने आरोपी तहसीलदार को कोर्ट के आदेश पर अपनी हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
बाइट — विष्णु सिंघल – एडवोकेट, आरोपी तहसीलदार
