बी एन राव अंबेडकर विवाद से पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में
कलेक्टर एसपी आईजी सब सड़क पर उतरे_सख्ती से खत्म होगा तनाव
एंकर-ग्वालियर भले ही संविधान निर्माता डा भीमराव अंबेडकर को लेकर उपजे विवाद के बाद दोनों ही पक्षों के लोगों ने अपने आंदोलन को वापस लेने की घोषणा कर दी हो लेकिन जिला और पुलिस प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम उठाना नहीं चाह रहा है। इसीलिए सोमवार रात से ही जिले भर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है. आसपास के जिलों से अतिरिक्त फोर्स बुलाया गया है और उन्हें संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है। खासकर थाटीपुर चौहान प्याऊ के पास मुरार फूल बाग सहित विवादित टिप्पणी करने वाले वकील अनिल मिश्रा के घर के आसपास भी फोर्स को डेप्लॉय किया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह खुद जिले भर की सुरक्षा व्यवस्था की मॉनीटरिंग कर रहे हैं. शहर भर में वे घूम घूम कर संवेदनशील इलाकों में तैयारी देख परख रहे हैं।दरअसल पूर्व में घोषित 15 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन को लेकर भीम आर्मी और सवर्ण समाज के संगठन आमने-सामने आ गए थे उन्होंने अपने-अपने स्तर पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी। इसे लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। हालांकि दोनों ही पक्षों ने अपने आंदोलन को वापस लेने की घोषणा की है लेकिन जिला प्रशासन कोई भी रिस्क लेना नहीं चाहता क्योंकि करीब 7 साल पहले दो अप्रैल के आंदोलन के दौरान तीन दलित युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसके अलावा संभाग भर में व्यापक तौर पर हिंसा हुई थी. मंगलवार शाम को भी वकील अनिल मिश्रा और उनके समर्थकों ने जिला प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाकर सड़क पर टेंट गाढने की कोशिश की थी जिसे पुलिस ने समझाईश देकर हटवा दिया।
