मीडियाकर्मियों की भीड़ में फँस गए बेचारे सीएम,
बोलने तक नहीं दिया तो बिना बाइट दिए हुए रवाना
इंदौर दौरे पर पहुंचे मध्य प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव इंदौर की समन्वयवादी संस्कृति के ठीक उलट इंदौरी मीडिया की बाईट लेने की आपाधापी या कहें होड़ से नाराज होकर बिना अपना स्टेटमेंट दिए रवाना हो गए। इस खास वीडियो में आपको नजर आएगा की मुख्यमंत्री ने दो से तीन बार बोलने की कोशिश की लेकिन उनके सिर के ऊपर लगे इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माइकों की कड़कड़ाहट के साथ सीएम के सामने मौजूद मीडियाकर्मियों द्वारा अपने चैनल को फोकस में लाने का जुनून इस कदर था कि उन्होंने सामने खड़े सीएम को भी दरकिनार कर दिया। अब इसमें गलती किसकी मानी जानी चाहिए। क्या सीएम के स्टाफ की जो मीडिया कर्मियों के साथ सीएम की बाइट लेने के लिए सही तरीके से समन्वय नहीं स्थापित कर पाया या फिर जनसंपर्क अधिकारी की जिन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मियों को बेहतर स्थान उपलब्ध नहीं कराया कि वे आराम से मुख्यमंत्री से अपने सवाल कर लेते। या फिर उन मीडियाकर्मियों की ग़लती है कि सामने खड़े मुख्यमंत्री का ध्यान न रखते हुए अपनी माइक आईडी को कैमरे के साथ फोकस करने की प्रतियोगिता में पत्रकारिता को शर्मसार कर दिया। या फिर खुद मुख्यमंत्री की त्रुटि मानें कि पत्रकारों के सवालों से बचती सत्ताधीशों की तरह डॉक्टर मोहन यादव भी अपनी सुनाकर चलते बनते हैं जैसा कि ग्वालियर में भी अक्सर होता है खैर यहाँ तो स्थानीय नेताओं (सिंधिया/तोमर/प्रद्युम्न/सिलावट/नारायण) जैसे भी सवालों से भागते नजर आते हैं तो ये तो फिर सीएम हैं इनके पास तो बहुत सारे काम होते हैं।
