1:30 बजे हादसे के बाद कोई नेता घटनास्थल पर नहीं पहुँचा
रात की उतरी तब आए ट्रॉमा सेंटर_पोस्टमार्टम हाउस_
फिर बोले ये तो दुर्घटना है पुलिस क्या कर सकती थी_
लाव लश्कर के साथ मृतकों परिजनों के साथ फोटो खिंचवाने पहुँचे नेता_
देखिए शुरू से अंत तक की मौत की दास्तान
पहली खबर
ग्वालियर आंतरी थाना क्षेत्र स्थित शीतला माता मंदिर के सामने आज एक दर्दनाक हादसा हो गया। ब्रेक फेल होने से एक ट्रक पलट गया और दर्शन के लिए मंदिर के बाहर खड़ी भीड़ को कुचल दिया। हादसे में 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि करीब 40 से लोग घायल बताए जा रहे हैं। मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।
दरअसल जानकारी के मुताबिक आज शनिवार और रविवार के रात 01 बजे शीतला माता मंदिर पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी थी। मंदिर के सामने ढलान पर एक ट्रक खड़ा हुआ था। अचानक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया और ट्रक ढलान से लुढ़कते हुए पलट गया। ट्रक के नीचे बड़ी संख्या में श्रद्धालु दब गए हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही आंतरी थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से ट्रक को हटाया गया और नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए जयरोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर लाया गया है। घायलों में दो एसएएफ के जवान भी शामिल हैं जो मंदिर पर ड्यूटी में तैनात थे। डॉक्टरों के मुताबिक कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने बताया कि 13 मृतकों में महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हैं। हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और ड्राइवर की तलाश की जा रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह ब्रेक फेल होना सामने आ रही है।
दूसरी खबर
ये वो अभागी माँ है जिसका बेटा शीतला माता के दर्शन करने गया था जो अब कभी नहीं लौटेगा। ऐसी कई माँएं हैं जिनकी गोद पुलिस प्रशासन के निकम्मेपन की वजह से सूनी हो गई। अब सरकार मरे हुए बेटों की मांओं को मुआवजा देगी वो भी उस पैसे से जो उनकी ही मेहनत की गाढ़ी कमाई के टैक्स से वसूली गई है। सुनिए इन माँओं का दर्द आपका दिल दहल जाएगा क्योंकि आप इंसान हैं जो इंसान नहीं हैं वो मुआवजा देंगे जांच करेंगे हो सकता है कि दिखावे की कार्रवाई भी करेंगे लेकिन मरे हुए बेटों की इस माँ को न्याय नहीं दे पाएँगे।
ग्वालियर के शीतला माता मंदिर पर देर रात हुए भीषण ट्रक हादसे में अब तक 15 लोगों की मरने की जानकारी मिली है।बता दें कि देर रात 1 से डेढ़ बजे के बीच शीतला माता मंदिर रोड पर आंतरी की तरफ से आ रहे ट्रक ने माता के दर्शन करने आए सैंकड़ों लोगों को कुचल दिया। इस हृदयविदारक दुर्घटना में 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और दो लोगों की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस प्रशासन की लापरवाही का इससे भयानक नमूना और कोई नहीं हो सकता कि जहाँ एक बाइक को पुलिसकर्मी द्वारा रोक दिया जाता है वहीं दूसरी ओर शीतला माता के दर्शन करने जा रहे हजारोंं लोगों की भीड़ के बीच एक दो ट्रकों को एंट्री देकर हजारों श्रद्धालुओं की जान जोखिम में डाल दी जाती है। इस दर्दनाक हादसे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा है कि ये पुलिस प्रशासन की बड़ी लापरवाही है कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने सीएम डॉ मोहन यादव से मृतकों को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है वहीं कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील शर्मा ने इस घटना के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।
तीसरी खबर
ग्वालियर के शीतला माता मंदिर हादसे में 15 लोगों की मौत ने पूरे चंबल अंचल को झकझोर कर रख दिया है, इस दर्दनाक हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर रात के अंधेरे में मंदिर के प्रवेश द्वार तक भारी ट्रक पहुंचा कैसे कौन है इस हादसे का जिम्मेदार? अन्य जनप्रतिनिधियों की भांति केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मृतकों और घायलों के परिजनों से मुलाकात करने जयारोग्य अस्पताल पहुँचे उन्होंने साथ ही हादसे की सख्त जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है,
दरअसल शीतला माता मंदिर हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं, हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, उन्होंने मृतकों और घायलों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंँधाया सिंधिया ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि शीतला माता मंदिर के समीप हुई यह दुर्घटना बेहद दर्दनाक है, उनका कहना है कि उनका हृदय टूट गया है, यह हादसा उनके अपने शहर के परिवारों के साथ हुआ है, हादसे को लेकर सिंधिया ने गंभीर सवाल उठाए हैं उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि रात के अंधेरे में ट्रक को प्रवेश कैसे मिला,ट्रक ग्वालियर कैसे पहुंचा, इसकी सख्त तहकीकात होनी चाहिए, ब्रेक फेल हुआ या हादसे की कोई दूसरी वजह थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है, सिंधिया ने मुख्यमंत्री से तीन बार चर्चा होने की बात कही और उनसे ग्वालियर आने का आग्रह भी किया, उन्होंने साफ कहा कि हादसे के जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाना चाहिए, हादसे के बाद पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई है, कुल आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है… वहीं, मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दी जा रही है… अस्पताल में भर्ती घायलों के इलाज पर भी नजर रखी जा रही है जानकारी के मुताबिक हादसे में 31 मरीज भर्ती हुए थे, जिनमें से 13 को डिस्चार्ज किया जा चुका है, तीन मरीज अभी भर्ती हैं, इनमें एक की हालत खतरे से बाहर है, जबकि दो मरीज आईसीयू में हैं।
बाइट-: ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री
