4-4 लाख रुपए में सरकार ने खरीदी 16 लोगों की मौत
मध्यप्रदेश के सीएम का डैमेज कंट्रोल_किसके लिए
घटना के 9 घंटे बाद संवेदनाओं का ढोंग करने पहुँचे थे स्थानीय नेता
सीएम का डैमेज कंट्रोल आखिर किसके लिए
पुलिस प्रशासन की छवि बचाने आए सीएम अपनी छवि गँवा बैठे
4-4 लाख में जिंदगियाँ खरीदने वाले डॉ साहब
हादसे के 9 घंटे बाद गहरी नींद से जागे तब भागे स्थानीय नेता
पोस्टमार्टम हाउस जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया एक भी मंत्री
जिले के प्रभारी मंत्री भी सीएम के साथ पधारे
16 मौतों के बाद भी दशहरे के जश्न में चूर सत्ताधारी नेता
पुलिस का बचाव या फिर अनजान बनने का ढोंग
सीएम के आगमन पर ट्रॉमा सेंटर से अटेंडरों को बाहर निकाला
घंटों बाहर खड़े रहने को मजबूर मरीजों के परिजन
सीएम से मिलने वालों को डंडों से मारकर भगाया
सीएम की जेड प्लस सिक्योरिटी से दो जवान मंदिर पर तैनात होते तो नहीं होता हादसा
जनता की जान से ज्यादा कीमती नेताओं की जान
एक कहावत है कि नमाज़ पढ़ने गए थे रोज़े गले पड़ गए और ठीक यही हुआ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के साथ। दरअसल ग्वालियर में शीतला माता मंदिर ट्रक हादसे में मृतकों के परिवारों को ढाँढ़स बँधाने और घायलों को देखने
पहुंँचे सीएम को उस समय मरीजों के परिजनों के गुस्से का सामना करना पड़ा जब पुलिस प्रशासन और जयारोग्य अस्पताल प्रबंधन ने अस्पताल में भर्ती घायलों के परिजनों को कई घंटों तक ट्रॉमा सेंटर के बाहर खड़ा कर दिया। उनसे कहा गया कि आप बाहर जाइए क्योंकि मुख्यमंत्री आ रहे हैं। अब कोई बताए कि किसी भी बीमार या घायल को सबसे पहले अपने परिवार की दरकार होती है या मु्ख्यमंत्री की लेकिन यहाँ मुख्यमंत्री के प्रोटोकॉल के चक्कर में जिला प्रशासन और पुलिस का संवेदनहीनता का अनोखा नजारा देखने को मिला। जहाँ अपने पति की दुर्घटना में पैर अपने पर एक महिला मुख्यमंत्री के काफिले की गाड़ी के आगे लेट गई वहीं दूसरी तरफ अपने गंभीर रूप से घायल भाई के लिए सीएम से सहायता की गुहार लगाने वाले एक युवक को पुलिस वालों ने डंडे के जोर पर मुख्यमंत्री से मिलने से रोक दिया। यहाँ आप तस्वीरों में देखेंगे कि सीएम के लिए सैंकड़ों पुलिस जवानों की कड़ी सुरक्षा आम जनता और घायलों के परिजनों के लिए टॉर्चर बन कर रह गई। बेचारे डैमेज कंट्रोल करने आए थे लेकिन जिला प्रशासन की संवेदनहीन अव्यवस्थाओं के चलते जनता ने उन्हें ही डैमेज कर दिया। देखिए आम जनता के दर्द को बयान करती ऊंगली डॉट इन की खास रिपोर्ट।
