फॉर्च्यूनर वाला मनरेगा मजदूर_ये भ्रष्ट सिस्टम की पैदाइश हैं

भ्रष्ट सिस्टम की देन फॉर्च्यूनर और थार वाले मजदूर 

गरीबों का हक छीनने वाले जनप्रतिनिधियों का खुलासा

एंकर -: ग्वालियर में करोड़पति सरपंच बनीं मनरेगा मजदूर जी हाँ ये हम नहीं कह रहे ये हुआ है ग्वालियर के भितरवार ब्लॉक में स्थित ग्राम पंचायत बड़ेरा भारस में। पूर्व सरपंच सरबदी देवी उनके पति पंजाब सिंह और पुत्र आकाश यादव समेत उनके परिवार के 8 लोग गरीबों के लिए सरकार द्वारा दी गई रोजगार गारंटी योजना मनरेगा में मजदूरी कर रहे हैं। आपको बता दें कि पूर्व सरपंच सरबदी देवी पंजाब सिंह यादव और उनका बेटा आकाश यादव के पास एक नहीं बल्कि कई लग्जरी गाड़ियां हैं जिन पर आज भी सरपंच लिखा हुआ नजर आता है शहर में बड़ी कोठी भी है गांव में जमीन भी है और एक बड़ी हवेली के मालिक हैं लेकिन बावजूद इसके यह मनरेगा में मजदूरी कर रहे हैं। यह मजदूरी करते हैं या नहीं इसका कच्चा चिट्ठा जनपद सदस्य रविंद्र सिंह गुर्जर ने खोल दिया लेकिन जिला पंचायत के भ्रष्ट अधिकारियों की मिली भगत से इस पंचायत में करोड़ों के भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है। आपको बता दें की बडेरा भारत वही ग्राम पंचायत है जिसे सरकार से अवार्ड मिल चुका है एक ऐसी पंचायत जिसमें 35 करोड़ से ज्यादा के काम हो चुके हैं उसका पूर्व सरपंच आलीशान कोठी लग्जरी गाड़ियां होते हुए मनरेगा में मजदूर है यह जॉब कार्ड इनके मजदूर होने का दावा करते हैं। इन जॉब कार्ड के मुताबिक यह पूरा परिवार मनरेगा में मजदूरी करता है लेकिन स्थानीय ग्रामीण कुछ और ही कह रहे हैं। वहीं पिछले एक साल से की जा रही भ्रष्टाचार की शिकायतों की अनदेखी जिला पंचायत और कलेक्ट्रेट के अधिकारियों के भ्रष्टाचार की अंतहीन कहानी कहती नजर आती है। हम आपको इसकी ग्राउंड रिपोर्ट भी दिखाएंगे लेकिन इससे पहले देखिए यह तस्वीरें जो पूर्व सरपंच पति के सत्ताधीशों और राजनीतिक रसूख के साथ इनके परिवार की विलासिता पूर्ण जिंदगी की कहानी कहती है।

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