महानआर्यमन के प्रमोशन के फेर में अपने संसदीय क्षेत्र को भूले सिंधिया
गुना में 5 लोगों की मौत पर ग्वालियर में जश्न मनाते आए नजर
ग्वालियर के महाराज का पुत्र मोह जनता पर भारी
नेताओं के चाल चरित्र चेहरे पर सबसे बड़ा खुलासा
गुना में 5 गौ रक्षकों की मौत पर नहीं गए सिंधिया
पुत्र के एमपीएल में शामिल होने की मजबूरी ने भुलाई 5 मौतें
गुना में हुए हादसे पर ग्वालियर में जश्न का माहौल
विकास के मसीहा नहीं बन पाए जनता के मसीहा
क्या सिंधिया की जनसेवा ढोंग बन गई है
ग्वालियर अंचल में उपस्थित होने के बाद भी गुना नहीं पहुँचे सिंधिया
चुनाव में वोट लेने मंच से जनता को दिया था देवता का दर्जा
गुना लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया
सिंधिया के गुना में एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ है एक गाय के बछड़े को बचाने के लिए गहरे कुएं में उतरे 6 लोगों में से पांच लोगों की जान चली गई। वैसे तो यह पांच लोग सिंधिया के लोकसभा क्षेत्र की देव तुल्य जनता थे लेकिन इन पांच लोगों की मौत पर सिंधिया का पुत्र मोह भारी पड़ा और इस हादसे के चंद घंटों बाद ही गुना के स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने परिवार के साथ मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग के मैच में जश्न मनाते नजर आए। प्राचीन काल में राज महाराजाओं के लिए जीत मायने रखती थी सिपाहियों का मरना नहीं ठीक इसी तरह से ग्वालियर के महाराज के लिए अपने पुत्र महानआर्यमन सिंधिया द्वारा कराई जा रही एमपीएल क्रिकेट सीरीज उन पांच लोगों की मौत से ज्यादा अहम थी जिन्होंने गोवंश को बचाने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। लोगों का क्या है मरते हैं और मरते रहेंगे लेकिन पुत्र को राजनिति के शिखर पर पहुँचाने के लिए पिता का होना जरूरी था। आपको बता दें कि इस एमपीएल का आगाज वाले दिन भी देश में सदी की सबसे बड़ी हवाई दुर्घटना हुई थी सभी राजनीतिक दलों ने अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए थे यहां तक कि अगले दिन प्रधानमंत्री मोदी भी मृतकों को श्रद्धांजलि देने अहमदाबाद पहुंचे थे लेकिन बावजूद इसके ग्वालियर में होने वाले क्रिकेट के जश्न में किसी तरह की कमी नहीं आई यह कह सकते हैं कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके सुपुत्र महान आर्यमन सिंधिया को लोगों की मौत से कोई फर्क नहीं पड़ता
