उज्जैन के महाराजाधिराज महाकाल की शाही सवारी की अलौकिक झांकी
सीएम डॉ मोहन यादव केंद्रीय मंत्री सिंधिया पुत्र समेत लाखों श्रद्धालु पहुँचे महादेव के दरबार में
एंकर -: मध्यप्रदेश के उज्जैन में भगवान महाकाल की शाही सवारी पर हैलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा, क्षिप्रा नदी के तट पर दोनों तरफ भक्तिभाव में डूबी हर हर महादेव का जयघोष करती श्रद्धालुओं की भीड़ अपनी प्रजा को दर्शन देते महादेव के आगे चल रही उनकी सेना के घुड़सवार हथियारबंद सिपाही और भगवान महाकाल की शाही सवारी के सामने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का डमरू बजाना सनातन संस्कृति का ऐसी मनमोहक झांकी प्रस्तुत करता है जो विश्व में कहीं नजर नहीं आती। देवों के देव महादेव की नगरी में ऐसे भावविभोर कर देने वाले दृश्य की एक झलक पाने के लिए हर कोई लालयित रहता है। तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि कैसे भगवान महाकाल अपने राजसी ठाट-बाट से निकलते हुए 6 रूप में अपनी प्रजा को दर्शन देते हैं। रजत पालकी में चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश गरूड़ रथ पर श्री शिव तांडव नंदी रथ पर उमा महेश और डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारबिंद के साथ षटम् सवारी पर श्री सप्तधान को देखा जा सकता है। इस मौके पर उज्जैन के राजा महाकालेश्वर को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया सरकारों के सरकार महाकाल के आगे मध्यप्रदेश की पूरी सरकार नतमस्तक हुई और सूबे के मुखिया डॉ मोहन यादव के साथ में डमरू बजाते नजर आए वहीं उनके साथ अन्य मंत्रीगण और भक्तजन भी अपने हाथों में श्रद्धाभाव से झांझर जंजीर लेकर भक्ति के रंग में सराबोर दिखाई दिए। माँ क्षिप्रा नदी के तट पर मंत्रोच्चारण और विधि विधान के साथ महाकाल की पूजा अर्चना ने अलौकिक नजारा पेश किया। खास बात यह कि अपनी रियासत कालीन राजसी परम्परा के मुताबिक ग्वालियर रियासत के श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके पुत्र महानआर्यमन सिंधिया भी शाही सवारी में शामिल हुए और उन्होंने महाकाल की पूजा अर्चना की।
