अव्यवस्थित प्रबंधन से गड़बड़ाईं जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएँ
बड़ी दुर्घटना टली_मरीजों की जान पर बन सकती थी
एंकर-: ग्वालियर के जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को अचानक से लकवा मार गया। सरकार द्वारा लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर होने के दावों की यहाँ पोल खुलती नजर आई। दरअसल मुरार की जिला अस्पताल की गतिविधि लगभग 5 घंटे तक ठप रही। ऐसा बिजली के नहीं रहने के कारण हुए। हैरानी की बात यह है कि लाखों रुपए के जनरेटर ने भी अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारू रखने में साथ नहीं दिया। बुधवार की रात तेज बारिश के दौरान बिजली गिरने से न सिर्फ नया जनरेटर खराब हो गया बल्कि अस्पताल के सभी सीसीटीवी कैमरे और कंप्यूटर भी ठप हो गए।

अस्पताल की अव्यवस्थाओं का खामियाजा वहां भर्ती मरीजों को भुगतना पड़ा। वहीं ओपीडी में मरीजों के पर्चे नहीं बने वहीं मरीजों की जांच और सैंपलिंग भी नहीं हो सकी। जिससे वह निराश होकर लौट गए। इस मामले में सिविल सर्जन डॉक्टर आरके शर्मा का कहना है कि बुधवार की शाम को बिजली गिरने से अस्पताल के जनरेटर सहित अन्य उपकरण खराब हुए हैं। वहीं ऐन वक्त पर बिजली भी चली गई जिसके कारण 5 घंटे तक अस्पताल की कार्रवाई पूरी तरह से ठप रहे। जिससे बड़ा नुकसान हुआ है।वरिष्ठ अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है।जल्द ही दूसरे जनरेटर का इंतजाम गुरुवार शाम तक होने की उम्मीद सिविल सर्जन ने जताई है।
बाइट-डॉ. आर के शर्मा,सिविल सर्जन,मुरार,ग्वालियर
