नगर निगम के एएचओ से भाजपा पार्षद पति की गुंडई_निगमायुक्त से लगाई गुहार

हाँ पत्नी नहीं मैं हूँ पार्षद_निगम कर्मियों को बपौती समझने वाले पार्षद पति का कारनामा_ड्यूटी कर रहे एएचओ को पीटा

एंकर -: ग्वालियर में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोगों की गुंडागर्दी चरम पर है। भाजपा के नेता तो नेता उनके सगे संबंधी भी दबंगई दिखाने से बाज नहीं आते।। ताजा मामला ग्वालियर के वार्ड नंबर 3 यानी विनय नगर का है जहां एक पार्षद पति ने नगर निगम के एसएचओ के साथ मारपीट कर दी। एएचओ का कुसूर केवल इतना था कि उसने वार्ड क्रमांक 3 में काम करने वाले उन सभी कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर मांग लिया था जो घर बैठे सरकार से लाखों की तनख्वाह ले रहे थे। दरअसल ग्वालियर ग्वालियर नगर निगम में कार्यरत एएचओ मनीष श्रीवास क्षेत्र क्रमांक 3 में काम करने वाले निगम कर्मचारियों का निरीक्षण करने कार्यालय पहुंचे थे मौके पर उन्होंने 58 कर्मचारियों की जगह मात्र 10 या 12 निगम कर्मियों को उपस्थित पाया इसके बाद उन्होंने मौजूद कर्मचारियों से हाजिरी रजिस्टर मांगा तो उसने पार्षद पति दिग्विजय सिंह राजपूत को कार्यालय में बुला लिया। दिग्विजय सिंह राजपूत जो कि अपने राजनीतिक रसूख के साथ दबंग भी माने जाते हैं और इनकी मंत्रियों और नेताओं से काफी नजदीकियां भी हैं और यही वजह है की दिग्विजय सिंह राजपूत शासकीय नौकरी में होने के बावजूद भाजपा के बैनर तले अपनी पत्नी श्रीमती मंजू राजपूत की पार्षदी का पूरा लाभ लेते हुए अपनी दुकानदारी चल रहे हैं। दिग्विजय सिंह राजपूत जहां एक ओर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के पुत्र देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर के साथ फोटो खिंचाते नजर आते हैं वहीं दूसरी ओर वे सिंधिया समर्थक मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में उनका प्रचार भी करते हैं। बड़ा सवाल यह है की वार्ड 3 की पार्षद मंजू राजपूत और उनके पति दिग्विजय सिंह राजपूत को काम चोरी करने वाले निगम कर्मियों से ऐसा क्या लालच है कि वह उनके लिए एक ईमानदारी से ड्यूटी करने वाले नगर निगम के कर्मचारी के साथ मारपीट कर रहे हैं सूत्रों की माने तो दिग्विजय सिंह का करोड़ों का अंपायर नगर निगम की ही मेहरबानी है। हालांकि फरियादी कर्मचारियों ने निगम आयुक्त से भी इस मामले में शिकायत की है इसके साथ ही पुलिस में आवेदन देने की बात भी कही है लेकिन बड़ा सवाल यह भी है कि अपने कार्यकर्ताओं को संस्कृति और संस्कार का पाठ पढ़ाने वाली भारतीय जनता पार्टी के ऐसे गुंडो को पालकर अपनी छवि मिट्टी में मिलने की अनुमति देगी। नगर निगम के सभापति मनोज तोमर का कहना है कि यह हमारा पारिवारिक मामला है यदि इस तरह की घटना हुई है तो जानकारी लेकर इसका निराकरण किया जाएगा। हालांकि इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजोरिया की मौन सहमति कुछ और ही इशारा कर रही है

 

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