भारत में भी हो सकता है नेपाल जैसा तख्तापलट
क्या आरक्षण के बहाने देश में विद्रोह की आग भड़काने की है तैयारी
एंकर-: क्या देश में नेपाल जैसा गृह युद्ध छिड़ने की आशंका है या फिर मनमुताबिक आरक्षण न मिलने पर पिछड़ा वर्ग सरकार का तख्तापलट कर देगा। यह सवाल उस समय उठा जब ग्वालियर में ओबीसी महासभा ने ऐलान कर दिया कि यदि मध्य प्रदेश सरकार ओबीसी समुदाय कै लिए 27 परसेंट आरक्षण लागू नहीं करती है तो नेपाल की तरह ओबीसी समाज के डेढ़ लाख युवा सरकार का तख्ता पलट देंगे। सरकार के दावे और वादे कोर्ट में आकर फेल हो जाते हैं और जब ओबीसी को 27 परसेंट आरक्षण देने की बात होती है तो सरकार की तरफ से नियुक्त अधिवक्ता कोर्ट में पेश ही नहीं होते। करणी सेना द्वारा ओबीसी समाज को 27 परसेंट आरक्षण का विरोध करने पर ओबीसी नेता और एडवोकेट विश्वजीत रतौनिया का कहना है कि यह पूरी तरह से असंवैधानिक है और सामाजिक न्याय के खिलाफ हैं। वहीं दूसरी ओर ओबीसी महासभा के धर्मेंद्र कुशवाहा ने सरकार पर ओबीसी आरक्षण को लागू करने में कानूनी अड़चनें पैदा करने का आरोप लगाया है। वही ओबीसी समाज के एक युवा जो पिछले कई वर्षों से पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं लेकिन अब तक उन्हें निराशा हाथ लगी है। और यही वजह है कि उन्होंने प्रदेश सरकार को चेतावनी दे डाली कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो मध्य प्रदेश के ओबीसी समाज के डेढ़ लाख से ज्यादा युवा और संख्या में सबसे ज्यादा जन बल वाला ओबीसी समाज देश में नेपाल जैसे तख्ता पलट को अंजाम देगा।
बाइट-: विश्वजीत रतौनिया (एडवोकेट एवं नेता ओबीसी महासभा)
बाइट-: धर्मेंद्र कुशवाहा (ओबीसी नेता एवं एडवोकेट)
बाइट-: रविंद्र सिंह गुर्जर (युवा नेता ओबीसी महासभा)
