ये बाप की रोड है….!

ग्वालियर में आम नागरिकों की सुविधा के लिए सीवर लाइन का कार्य चल रहा है। एक तरफ की सड़क जहाँ सीवर लाइन बिछाई जानी हैं वहाँ वैकल्पिक मार्ग के तौर पर लोगों को सुविधा प्रदान करने हेतु सर्विस रोड का डामरी करण कर उसे आवाजाही के लिए खोल दिया है कि लोग आसानी से निकल जाएँ। लेकिन शासकीय सर्विस रोड को बाप का माल समझने वालों ने इस पर अपना कब्जा जमा लिया है। यहाँ आप देखेंगे कि इस वैकल्पिक सड़क पर किस तरह से वाहन लगाए गए हैं।

बड़े बड़े शोरूमों की दुकान दारी भी सड़क पर नजर आ रही है। दरअसल सरकारी माल और जगह को बाप का माल समझने वालों की यहाँ कोई कमी नहीं है।

और यही वजह है कि आम लोगों के लिए बनाई गई सड़क को चंद लोगों ने अपने बाप का माल समझ लिया है। और रही बात इस कब्जे को हटाने वाली पुलिस और नगर निगम की तो साहब इनकी इतनी हिम्मत नहीं कि सरकारी संपत्ति को अपने बाप का माल समझने वालों के खिलाफ एक भी कार्रवाई कर पाएँ क्योंकि नेताजी फाड़ देंगे।
आपको बता दें कि नीचे ये तस्वीर जो आप देख रहे हैं वो निर्माणाधीन सीवर लाइन के विकास कार्य की है जो यहाँ के लोगों को बड़ी समस्याओं से निजात दिलाएगी। लेकिन एक तरफ की रोड बंद होने और राहगीरों को किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाने के लिए निगम द्वारा सर्विस रोड को डामरीकरण किया गया था लेकिन बिना सिविक सेंस वाले चंद अतिक्रमण माफियाओं ने इसे अपने बाप की रोड समझ कर इस पर अपनी दुकान शोरूम और चार पहिया वाहन लगा दिए और राहगीर गिट्टी और गड्ढों वाली ऊबड़ खाबड़ रोड पर चलने के लिए मजबूर हैं। बहरहाल निगम आयुक्त तक कई बार इसकी शिकायत पहुँच चुकी है लेकिन निगम अमला इसकी जिम्मेदारी पुलिस पर डाल कर अपना पल्ला झाड़ लेता है बता दें कि इससे पूर्व इसी सड़क पर दुर्घटना में एक युवक की मौत हो चुकी है। लेकिन अपने बाप की सड़क समझने वालों के परिवार का जब तक नहीं जाता इन्हें अक्ल नहीं आएगी।

