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एलीवेटेड रोड निर्माण में चाइना के कबाड़ का उपयोग_हादसे से खुली पोल

सिंधिया के ड्रीम प्रोजेक्ट में चीन के कबाड़ का उपयोग,

सौ टन वजनी गर्डर गिरने से खुली घटिया मशीनों की पोल,

जा सकती थी कई लोगों की जान।।

ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के ड्रीम प्रोजेक्ट एलीवेटेड रोड पर चाइना के कबाड़ का साया मंडरा रहा है। और ये हम नहीं कह रहे ये बयान कर रही हैं ये मेगा हाइड्रोलिक मशीन जिससे एलीवेटेड रोड पर सौ टन से भी ज्यादा वजन के गर्डर को पिलर पर रखा जाता है। हम आपको बताते हैंं कि आत्मनिर्भरता के दावे और वादे करने वालों की इस मशीन ने पोल खोल कर दी है हम यह इसलिए कह रहे हैं कि इस सेकंडहैंड हाइड्रोलिक मशीन का निर्माण चीन में हुआ है। सूत्रों के मुताबिक जब ये मशीनें वहाँ कबाड़ हो जाती हैं तो भेज दी जाती हैं भारत जैसे विकासशील देशों में यहाँ का कचरा बढ़ाने के लिए। और ये‌ मशीनें भारत में लोगों की जान लेने के काम करती हैं। बड़े बड़े ठेके देने से पहले ना तो सरकार और ना ही संबंधित विभाग इन मशीनों की जांच करता है यह मशीन है कितनी पुरानी है और यही मशीन बाद में इस तरह के बड़े-बड़े हादसों का कारण बनती है। बड़ा सवाल यह है कि इन चाइना मेड मशीनों के चलते ज्योतिरादित्य सिंधिया का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पूरा हो पाएगा या फिर इस हादसे की जांच को ठंडे बस्ते में डाल कर एक और बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जाएगा।

ग्वालियर के खेड़ापति मंदिर के पास निर्माणाधीन एलीवेटेड रोड की साइट पर बड़ा हादसा देखने को मिला जहाँ एलीवेटेड रोड पर रखा विशालकाय गर्डर अपनी जगह से खिसक कर नदी में जा गिरा और उसके दो टुकड़े हो गए। सौ टन‌ वजनी गर्डर के गिरते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस हादसे में एक मजदूर घायल हो गया और उसे तत्काल प्रभाव से नजदीक के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने इस पुल के गिरने का जिम्मेदार सीधा भाजपा सरकार में हर स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार को ठहरा दिया। उनका‌ कहना था‌ कि एलीवेटेड रोड के गर्डर का गिरना बड़ी घटना है इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो उसे सख्त सजा मिले।

 

वहीं दूसरी ओर ग्वालियर विधानसभा के विधायक और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का कहना है कि इस घटना की जांच होगी और दोषी पर कार्रवाई होगी। वहीं दूसरी ओर एलीवेटेड रोड के निर्माण में लगी पुरानी चाइना मेड मशीनों के सवाल पर मंत्री ने अनभिज्ञता जाहिर की और इस पर भी जांच कराने की बात कही है। इस पूरे हादसे में बड़ा सवाल यह निकल कर आया है कि यदि ये हो टन वजनी गर्डर गिरते समय कोई इसके नीचे आ जाता तो कितना भयावह मंजर होता। हालांकि पीडब्ल्यूडी ब्रिज के एक्जिक्यूटिव इंजीनियर जोगेंद्र यादव ने बताया कि हमने इसमें प्रारम्भ से ही सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा है दोनों तरफ के रास्ते बंद कर दिए गए थे कोई भी हताहत नहीं हुआ है। मशीन का हाइड्रोलिक जैक का पाइप फटने से मशीन फेल हो गई और गर्डर गिर गया। बहरहाल इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ लेकिन इस चीन से कबाड़ के रूप में आईं चाइना मेड मशीनों की जांच कौन करेगा इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है।

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