ग्वालियर पुस्तक मेले में प्रशासन की नाक के नीचे फर्जीवाड़ा_दुकान सील की तो लामबंद हुए दुकानदार
ग्वालियर में पुस्तक मेले में अपने बच्चों के लिए किताबें लेने पहुँच रहे पेरेंट्स प्रकाशक पुस्तक विक्रेता और शिक्षा विभाग की मिलीभगत के चलते ठगी का शिकार हो रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने दावा किया था कि मेले में मनमाने दाम नहीं वसूले जाएंगे लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की नाक के नीचे पुस्तक विक्रेता गोलमाल करने में लगे हैं। इसका ताजा उदाहरण उसे समय मिला जब आज प्रशासन द्वारा सील की गई दुकान आदर्श स्टेशनरी पर किताबें लेने अभिभावक पहुंचे। आदर्श स्टेशनरी स्टोर के नाम पर शहर में तीन दुकानें संचालित हैं और प्रशासन द्वारा बनाई गई गाइड लाइन को दरकिनार कर स्कूलों ने एक ही संस्थान की तीन दुकानों का पता अपनी सूची में दर्शा दिया है क्योंकि प्रशासन ने स्कूलों के लिए यह बाध्यता रखी थी कि हर स्कूल की किताबें सभी दुकानों पर उपलब्ध होंगी लेकिन कमीशन खोरी के चक्कर में नाटो शिक्षा विभाग और ना ही प्रशासनिक अधिकारियों ने यह ध्यान दिया की , स्कूल संचालकों पब्लिशर पुस्तक विक्रेताओं का गठजोड़ किस तरह से बच्चों के पेरेंट्स को लूटने में लगा है। हालांकि इतवार को आदर्श स्टेशनरी स्टोर पर बड़ा फर्जी वाला पकड़ा गया और उसे सील कर दिया गया। आदर्श स्टेशनरी स्टोर्स के संचालक ने किताबों के ऊपर लिखे पुराने मूल्य को काली स्याही से छुपा कर 30 रुपए अधिक मूल्य वाला बारकोड चिपका दिया था जब पेरेंट्स ने उसे हटाया तो मामले का खुलासा हुआ।
सोच सकते हैं कि प्रशासन द्वारा लगाए गए मेले में प्रशासनिक अधिकारियों की नाक के नीचे शिक्षा माफिया कहा जाने वाला ताकतवर गिरोह आम लोगों के साथ ठगी को अंजाम दे रहा हो तो शहर की अन्य दुकानों पर किस तरह से लूट मचाई जाती होगी यह समझा जा सकता है
