मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक पर स्मार्ट मीटर का काला साया,
कलेक्ट्रेट में मोबाइल की रोशनी में इलाज कर रहे स्वास्थ्य कर्मी
अंधेरे में डूबा मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक
मोबाइल की रोशनी में इलाज करा रहे मरीज
सीएमएचओ का गैरजिम्मेदाराना बयान
कहा- बिल नहीं भरा इसलिए लाइट नहीं है
जब फंड आएगा तब भर देंगे बिजली का बिल
ग्वालियर कलेक्ट्रेट परिसर में है मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक

ग्वालियर कलेक्ट्रेट परिसर में अंधेरे में डूबा यह मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक बिजली विभाग और उसके स्मार्ट मीटरों की नाराजगी झेल रहा है और ये हम नहीं कह रहे ये इस क्लीनिक के अंधेरे कमरे बयान कर रहे हैं बता दें कि संजीवनी क्लीनिक मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की जनहितैषी योजना है और इस योजना के तहत उन गरीब असहाय मरीजों का मुफ्त इलाज किया जाता है इस योजना का शुभारंभ स्वयं मुख्यमंत्री ने किया था। आप देखेंगे कि 42 डिग्री की भीषण गर्मी में बंद पंखों और बिना लाइट के अंधेरे कमरों मे मरीजों का चैकअप करना बेहद दुष्कर है। अंधेरे में मोबाइल की टॉर्च में जांच करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि यहाँ का बिजली का बिल नहीं भरा गया है और यह हालत स्मार्ट मीटर के कारण हुई है। जहाँ जिस मीटर का रिचार्ज खत्म हुआ उसकी बिजली गुल। सूत्रों की मानें तो अब यहाँ की बिजली तभी आएगी जब स्मार्ट सिटी के स्मार्ट मीटरों का बिल जमा चर दिया जाएगा लेकिन फिलहाल तो जिले के मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी सचिन श्रीवास्तव का कहना है कि संजीवनी क्लीनिक की लाइट काटी गई है अभी बजट नहीं है जब आएगा बिल भर दिया जाएगा। उनका यह भी कहना है कि अंधेरा है ही नहीं वहाँ पर मैं खुद जाकर देखकर आया हूँ मतलब साफ है कि सीएमएचओ अपनी आँखों की दिव्य रोशनी में सब कुछ साफ देख लेते हैं।
