पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर भोपाल में श्रमजीवी पत्रकार संघ का हल्लाबोल,
पत्रकारों के मंच को नेताओं ने बनाया सियासी अखाड़ा।
आज पत्रकार सड़कों पर हैं क्योंकि गुलामी के दौर में क्रांति का अलख जगाने वाले पत्रकारों को आजादी के बाद चौथे स्तंभ का लॉलीपॉप पकड़ा कर उन्हें दिखावे का सम्मान तो दे दिया गया लेकिन लोकतंत्र के बाकी तीन स्तम्भों की तरह न तो सुरक्षा दी और न ही वो सुविधाएं जो जनता के पैसे पर ऐशो आराम करने वालों को मुहैया कराई गईं। और देश के सबसे बड़े बुद्धिजीवी वर्ग के साथ हुई इस साजिश को अंजाम दिया गया लोकतंत्र के बाकी के तीन स्तम्भों द्वारा।
जबकि पत्रकार वो हैं जो नेता को नेता बनाते हैं शासन प्रशासन का जनता से संवाद की धुरी ये पत्रकार ही हैं लेकिन आज सरकारों को इनके जायज अधिकार भी देने में संकोच हो रहा है
हर बार लगातार और निरंतर पत्रकार संगठनों द्वारा पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग उठाने के बावजूद सरकारें अपने कानों में रुई ठूंसकर बैठी हैं।
बता दें कि मध्य भारत के सबसे विशाल और पत्रकारों के साथ में कार्य संगठन मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ हमेशा से ही पत्रकारों के लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहा है। यही नहीं हर वर्ष अपने स्तर पर सरकार को सचेत करने का काम भी मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांतीय अध्यक्ष शलभ भदौरिया करते रहे हैं। लेकिन ऐसा क्या है जो सरकार उनकी बातों को नजर अंदाज कर रही है। बता दें कि मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के बैनर तले भोपाल के समन्वय भवन में आयोजित पत्रकार सुरक्षा कानून पर पत्रकारों की मांग को लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंच से पत्रकारों की समस्याओं को हल करने का आश्वासन तो दिया। लेकिन पीसीसी चीफ जीतू पटवारी द्वारा पत्रकार सुरक्षा कानून पर सरकार को घेरने के बाद पत्रकारों के लिए समर्पित मंच सियासी बयानबाजी की भेंट चढ़ता नजर आया।
दरअसल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देश प्रदेश में हो रहीं पत्रकारों की मौत पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया था और ये भी कहा कि यदि भाजपा सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं कर पा रही तो हमारी सरकार आने पर पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। जीतू पटवारी द्वारा इस तरह की बयानबाजी के बाद डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि आप विपक्ष की भूमिका बहुत अच्छी निभा रहे हैं आप जहाँ हैं वहीं रहें। रही बात पत्रकारों की तो सरकार पत्रकारों के लिये संवेदनशील है और कुछ मांगें मान ली गईं हैं आगे भविष्य में सरकार पत्रकारों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। समन्वय भवन में उपमुख्यमंत्री को पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कराने ज्ञापन सौंपने के पश्चात मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया के नेतृत्व में सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के पत्रकारों द्वारा भोपाल की सड़कों पर भव्य रैली निकाली गई। प्रदेश के हजारों पत्रकारों द्वारा इस रैली में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया गया। यहाँ सभी एक ही मांग थी कि सरकार जल्द ही पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करें। वहीं मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने पत्रकारों के हित में सरकार को ज्ञापन देकर जल्द ही फैसला लेने के लिए अनुरोध किया है।
