
पहली बार पुलिस अधिकारियों पर खुलेआम रिश्वत खोरी के आरोप…
देने वाले व्यापारी ने भरे बाजार में उतार दी पुलिस विभाग की इज्ज़त…
देखिए पुलिस के अधिकारियों पर रिश्वतखोरी के आरोप का सनसनीखेज वीडियो
हम आपको आज ऐसा नजारा दिखाने जा रहे हैं जिसके बारे में जानते सब हैं। लेकिन कोई भी आज तक इतनी हिम्मत नहीं जुटा पाया कि पुलिस इंस्पेक्टर के मुँह पर पूरे पुलिस विभाग को रिश्वतखोर कह दे। लेकिन ग्वालियर शहर में स्थित सबसे धनाढ्य वर्ग के बाजार सर्राफा बाजार में आम जनता की सुविधा के लिए ट्रेफिक को सुधारने वाले इंस्पेक्टर को व्यापरियों ने आईना दिखा दिया। व्यापारियों ने अपने पैसे के रसूख के दम पर प्रदेश भरनको सुरक्षा देने वाले पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भरे बाजार में रिश्वतखोर करार दे दिया।
देखिए क्या है मामला….?
तुम्हारे सब अधिकारी पैसे खाते हैं जो यहाँ आता है पैसे लेकर जाता है और इसके बहस के बाद टीआई साहब का सरेंडर आपको हैरान कर देगा क्योंकि अक्सर विवादों और रिश्वत के आरोपों में घिरी पुलिस पर इस तरह के आरोप लगना कोई नई बात नहीं है लेकिन भरे बाजार में एक एएसआई की सामने पूरे पुलिस विभाग पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगाना बहुत सारे सवालों को जन्म देता है।
ताज़ा मामला ग्वालियर के सबसे व्यस्ततम और धनाढ्य इलाके सर्राफा बाजार का है जहाँ ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभा रहे एक एएसआई को सड़क पर खड़ी गाड़ी पर कार्रवाई करने की कोशिश करने पर जिल्लत झेलनी पड़ी, बिना पार्किंग के खड़ी गाड़ियों पर जब यातायात पुलिस की टीम कार्रवाई कर रही थी उस समय स्थानीय व्यापारी विमल जैन जो शायद सर्राफा बाजार के नामचीन हस्तियों में शुमार होंगे और अपने पैसे के रसूख के दम पर एक ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी के सामने उसके विभाग की पोल खोल कर रख दी व्यापारी ने कहा कि उसके यहाँ से सारे बड़े अधिकारी पैसे ले जाते हैं तुम क्या चीज़ हो यही नहीं व्यापारी ने पुलिस कर्मी से ये भी कहा कि हम सबको पैसे देते हैं।
काफी बहस के बाद टीआई का आगमन हुआ लेकिन लगता है वे भी उन पुलिस वालों में से थे जिनका नाम व्यापारी ने अपनी बातों में लिया था, तो साहब उन्होंने अपने ही विभाग के व्यक्ति को शांत रहने को कहा लेकिन एक बात समझ में अब तक नहीं आई कि सरेआम पुलिस अधिकारियों पर रिश्वतखोरी के इल्ज़ाम लगाने वाले व्यापारी से टीआई साहब दबे हुए नजर क्यों आए क्या पैसे का रसूख या फिर ये उन्हीं अधिकारियों में से हैं जो पैसा लेने व्यापारियों के दर पर जाते हैं।
