पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा कालनेमि की भूमिका में हैं,
इतने ही ब्राह्मण के हितैषी तो राजनैतिक स्वार्थ और भाजपा छोड़कर करें अंबेडकरधाम का विरोध तो हम भी देंगे साथ_एडवोकेट अनिल मिश्रा रक्षक मोर्चा
पहले अनूप मिश्रा अपने मोहल्ले के ब्राह्मणों को तो एकजुट कर लें उसके बाद देश के ब्राह्मण समाज की सोचें ये कहना है रक्षक मोर्चे के संरक्षक एडवोकेट अनिल मिश्रा का। बता दें कि पिछले दिनों पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा ने प्रेस वार्ता करते हुए ब्राह्मणों को एकजुट करने हेतु वैश्विक स्तर पर विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद बनाने का ऐलान किया था। अपनी ही पार्टी में सालों से हाशिए पर पड़े पूर्व मंत्री और सांसद रहे अनूप मिश्रा इससे पहले अंबेडकर विवाद के दौरान आंदोलन के केंद्र बिन्दु रहे एडवोकेट अनिल मिश्रा के निवास पर पहुँचे थे। और उन्हें समझाने का प्रयास किया था। हालांकि इस मुलाकात के विषय में अनिल मिश्रा का कहना है कि मुझे नहीं पता कि वे अंबेडकर की तरफ से आए थे या फिर सरकार की तरफ से। लेकिन अनूप मिश्रा द्वारा ब्राह्मण समाज को एकजुट करने के ऐलान पर अनिल मिश्रा ने जमकर निशाना साधा। उनका कहना है कि यदि वे सचमुच ब्राह्मण समाज के पक्ष में हैं तो वे अपनी पार्टी छोड़कर मैदान में आ जाएंँ। जौरासी हनुमान मंदिर के पास निर्माणाधीन अंबेडकर धाम का विरोध करें हम उनका साथ देंगे। लेकिन इसके लिए उन्हें अपने राजनीतिक स्वार्थ त्यागने होंगे। वहीं दूसरी ओर रक्षक मोर्चे के ही अमित दुबे ने अनूप मिश्रा को कालनेमि की संज्ञा दे डाली उनका सवाल है कि अनूप मिश्रा जब मंत्री रहे सांसद रहे उस समय उन्हें ब्राह्मणों की याद नहीं आई।
बहरहाल ये जरूर है कि ब्राह्मण एकता के बहाने सरकार और पार्टी में न सही लेकिन कम से कम ब्राह्मण समाज में तो अनूप मिश्रा को थोड़ी बहुत स्वीकार्यता मिल ही जाएगी।
बाइट-: अनूप मिश्रा पूर्व मंत्री
बाइट-: अमित दुबे रक्षक मोर्चा
बाइट-: अनिल मिश्रा एडवोकेट
