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चेतकपुरी नाले अतिक्रमण मामले में भूस्वामी का पलटवार_शिकायतकर्ता पर लगाए दलाली के आरोप

चेतकपुरी भूमि मामले पर शिकायत कर्ता और भूमि मालिक आमने सामने_देखिए कौन है भूमाफिया कौन है दलाल

कुलदीप नर्सरी भूमि पर नाला अतिक्रमण मामला

शिकायतकर्ता कैलाश अग्रवाल और राकेश शर्मा ने लगाए एक दूसरे पर गंभीर आरोप

शिकायतकर्ता कैलाश अग्रवाल का बयान- भ्रष्ट अफसरों ने करवा दिया नाले और शासकीय भूमि पर कब्जा

ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियमों की अनदेखी से शहर होगा बर्बाद

राकेश शर्मा ने कहा-ललितपुर में नहीं महलगांव में था नाला

महल और मैरिज गार्डन ने किया था नाला बंद

एसीएस के दौरे के बाद भी कोई खास कार्रवाई नहीं

प्रशासन की चुप्पी से शहर की जल संरचनाओं पर बड़ा खतरा

आरोप- अफसरों ने दस्तावेजों में कूट रचना कर भू माफियाओं को पहुँचाया लाभ

कैलाश अग्रवाल के मुताबिक 5000 करोड़ की शासकीय भूमि पर बन रही टाउनशिप

कई नेता और अफसर भी इसमें पार्टनर की भूमिका में

भूस्वामी केश शर्मा ने कैलाश शर्मा को बताया मुरार का दलाल

ग्वालियर में पिछले दिनों चर्चा में रहे चेतकपुरी स्थित कुलदीप नर्सरी भूमि पर अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट में याचिका लगाने वाले कैलाश अग्रवाल और भूमि मालिक राकेश शर्मा आमने-सामने आ गए हैं जहाँ एक ओर कैलाश अग्रवाल ने ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियमों का उल्लंघन करने और शासकीय जमीन पर निर्माणाधीन टाउनशिप डेवलप करने के गंभीर आरोप लगाए हैं वहीं दूसरी तरफ खुद को किसान बताने वाले राकेश शर्मा ने उन्हें दलाल करार दिया है। बता दें कि चेतकपुरी स्थित कुलदीप नर्सरी के नजदीक शासकीय नाले और जमीन पर अतिक्रमण के चलते लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई है वहीं दूसरी ओर उन्होंने इसी मामले में कोर्ट में भी याचिका दायर की है।

कुलदीप नर्सरी भूमि पर शासकीय नाले पर अतिक्रमण करने की कई शिकवे शिकायतों के बाद हाल ही में एसीएस संजय दुबे ने कुलदीप नर्सरी भूमि का दौरा कर हालात का जायजा लिया था। जिसके बाद प्रशासन ने टाउनशिप डेवलपमेंट का काम रुकवा‌ दिया था। हालांकि इस मामले में दखल देने के सवाल पर अवर मुख्य सचिव संजय दुबे भी चुप्पी साध गए थे और उन्होंने कार्रवाई करने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया था।

शिकायतकर्ता कैलाश शर्मा का कहना है यह टाउनशिप पूरी तरह शासकीय नाले के ऊपर बनाई जा रही है इसकी शिकायत 2014 से प्रचलन में है प्रशासन के भ्रष्ट अफसरों की मिलीभगत से ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियमों की अनदेखी और शासकीय नाले पर अतिक्रमण करते हुए दस्तावेजों में काट छांट करके भू माफियाओं को लाभ पहुँचाने का काम किया गया है। वहीं दूसरी ओर भूमि स्वामी राकेश शर्मा ने याचिकाकर्ता कैलाश अग्रवाल पर पलटवार करते हुए सीधे तौर पर उन्हें ब्लैकमेलर और दलाल बता दिया। उनका‌ कहना था कि यह जमीन मेरे पिता ने 1971 में बाकायदा रजिस्ट्री करवा‌ कर ली थी उस समय में 14 साल का था लेकिन कुछ लोग मुझे भू माफिया कहते हैं। वहीं दूसरी ओर वे नाले पर अतिक्रमण का जिम्मेदार सीधे तौर पर महल को ठहरा देते हैं उनका कहना है कि नाला कभी भी ललितपुर गांव में था ही नहीं ये नाला काफी बड़ा था और महलगांव में था जिस पर वर्तमान में एक बड़ा मैरिज गार्डन संचालित हो रही है बाकी जमीन पर अर्जुन कपूर काबिज हैं। यहां एक और खुलासा उन्होंने किया है कि महल के अंदर के नाले को बंद कर दिया गया है क्योंकि उसमें इस पास की बस्तियों से सीवर का पानी आता था।
बहरहाल ये मामला कहाँ तक जाएगा ये अभी तय नहीं है‌ क्योंकि एक तरफ रसूखदारों का जमावड़ा है तो दूसरी तरफ शहर के‌ पर्यावरण और शासकीय नदी नाले और प्राकृतिक संरचनाओं की चिंता करने वाले चंद लोग हैं जिनकी शिकायतों‌ का शासन प्रशासन के भ्रष्ट अफसरों और नेताओं की मोटी चमड़ी पर असर नहीं पड़ता।

 

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