मध्यप्रदेश, भोजशाला में मनाया जाएगा दीपोत्सव,
भोजशाला मुक्ति दिवस के मौके पर हर श्रद्धालु को एक दीपक लाने का किया आह्वान,
गैर हिन्दुओं के प्रवेश पर पूरी तरह बैन।
धार की भोजशाला में प्रति मंगलवार होने वाली सत्याग्रह में
भारी तादाद में लोगों के आने की संभावना है
इस बार न्यायालय के निर्णय के अनुसार भोजशाला को मंदिर घोषित किया ।
इस मंगलवार को होने वाले सत्याग्रह में भारी तादाद में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए भोज उत्सव समिति के द्वारा श्रद्धालुओं से भोजशाला में आने पर एक-एक दीपक एवं पटाखे स्वयं घर से लाने को कहा है ताकि दीपोत्सव मनाया जा सके।
वही भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि भोजशाला मंदिर है और जो भी प्रवेश करेगा उसे सनातनी परंपरा और हिंदू संस्कृति का पालन करना होगा गैर हिंदुओं का आना प्रतिबंधित रहेगा।
भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि
पिछले 40 सालों से सत्याग्रह चल रहा हे भोजशाला में इस सत्याग्रह को महासत्यागृह में परिणित करने एवं एक दीपक साथ में लेकर आने सत्याग्रह स्थल पर दीपोत्सव मनाने की बात कही उन्होंने कहा कि 720 के संघर्ष के बाद यह जीत मिली हे।
यह मंदिर है और मंदिर में जो भी प्रवेश करेगा उसे हिंदू संस्कृति सनातनी परंपरा का पालन करेगा और गैर हिंदुओं का आना प्रतिबंध है यहां पर जिसको आना है भारतीय संस्कृति के अनुरूप आए।
