ग्वालियर में सरकारी जमीन बनी गरीब आदिवासियों के साथ ठगी का जरिया,
गुंडों ने बिना नोटरी रजिस्ट्री के बेच दिए सैंकड़ों प्लाॅट,
देखिए Exclusive Report On Ungali.in
अक्सर आपने शहरों में रहने वाले गरीब लोगों को सड़क किनारे झुग्गी झोपड़ी बनाकर देखा होगा। और ये सही भी है क्योंकि जब सरकारें आम आदमी की मूलभूत सुविधाएँ देने में असफल। हों तो ऐसी ही तस्वीरें सामने आती हैं। लेकिन तब क्या हो जब यही कथित गरीब और कथित असहाय लोग शासकीय भूमि पर बड़े पैमाने पर कब्जा कर अपने लिए पक्के मकानों का निर्माण कर लें और खेती कर अपना जीवन यापन करने वाले किसानों की खेती की जमीन पर कब्जा कर लें। जी हाँ ये हुआ है ग्वालियर के विक्की फैक्ट्री के पास स्थित अवैध कॉलोनी राम नगर में जहाँ ग्वालियर के झांसी रोड इलाके में शासन प्रशासन की मिलीभगत से शासकीय जमीनों पर धड़ल्ले से कब्जा किया जा रहा है। यही नहीं किसान की फसल को नष्ट करने के बाद जमीन पर मकानों का निर्माण जारी है। हालांकि ग्वालियर में ये खबरें सामान्य बात है क्योंकि यहाँ के भू माफियाओं का प्रशासनिक अफसरों से गठजोड़ किसी से छिपा नहीं है। देखिए ऊँगली डॉट इन की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट
ग्वालियर के झांसी रोड पर विक्की फैक्ट्री स्थित रामनगर में शासकीय जमीन पर दो सौ से ज्यादा पक्के मकान आकार ले चुके हैं जब हमने यहाँ का रियलिटी चैक किया तो एक अलग ही मामला सामने आया यहाँ कब्जा करने वाले गरीब लोग नहीं हैं दरअसल यहाँ वो भू माफिया सरकारी जमीनों के जरिए गरीबों को ठगने में जुटे हैं जिनके रसूख के आगे प्रशासन भी नतमस्तक है। और ये हम नहीं कह रहे ये इन रहवासियों के मुँह से आप खुद सुनिए कि बिना रजिस्ट्री नोटरी या किसी दस्तावेज के दो ढाई लाख में सरकारी जमीनों का सौदा किया जा रहा है। जब हमने यहाँ रहने वाले लोगों से उन भूमाफियाओं का नाम जानना चाहा तो ये असहाय लोग इतने डरे हुए थे कि किसी का नाम तक नहीं लिया हालांकि ये जरूर कहा कि हमें यहाँ के गुंडे बदमाशों ने लाख दो लाख में जमीन बेची हैं जिस पर हमने आशियाना बना लिया है।
ग्वालियर के झांसी रोड पर विक्की फैक्ट्री स्थित रामनगर में शासकीय जमीन पर दो सौ से ज्यादा पक्के मकान आकार ले चुके हैं जब हमने यहाँ का रियलिटी चैक किया तो एक अलग ही मामला सामने आया यहाँ कब्जा करने वाले गरीब लोग नहीं हैं दरअसल यहाँ वो भू माफिया सरकारी जमीनों के जरिए गरीबों को ठगने में जुटे हैं जिनके रसूख के आगे प्रशासन भी नतमस्तक है। और ये हम नहीं कह रहे ये इन रहवासियों के मुँह से आप खुद सुनिए कि बिना रजिस्ट्री नोटरी या किसी दस्तावेज के दो ढाई लाख में सरकारी जमीनों का सौदा किया जा रहा है। जब हमने यहाँ रहने वाले लोगों से उन भूमाफियाओं का नाम जानना चाहा तो ये असहाय लोग इतने डरे हुए थे कि किसी का नाम तक नहीं लिया हालांकि ये जरूर कहा कि हमें यहाँ के गुंडे बदमाशों ने लाख दो लाख में जमीन बेची हैं जिस पर हमने आशियाना बना लिया है।
