ग्वालियर के प्रभारी मंत्री का दर्द आया सामने,
मैं तो लूप लाइन में हूँ_आखिर क्यों….?
सवालों से बचते नजर आए महाराज के मंत्री तुलसी सिलावट
मध्यप्रदेश के लूप लाइन वाले प्रभारी मंत्री
क्या ग्वालियर के प्रभारी मंत्री ग्वालियर पर भारी हैं
या केवल महल के दरबान हैं कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट
मीडिया से किनारा जी हुजूरी वाले कार्यकर्ताओं से गलबहियाँ
जनता के सवालों के जवाब पर कहा मैं लूप लाइन में हूँ
अपने विभाग के प्रश्नों पर चुप्पी_नहर नदी नालों के कब्जे पर मौन
जल संसाधन मंत्रालय/विभाग को लूप लाइन दिया करार
जनता की नहीं महल की चाकरी करने से मिली कुर्सी_सिलावट
सिंधिया के मंत्री की चुप्पी के क्या संकेत
लूप लाइन वाले जल संसाधन विभाग से खुश नहीं हैं तुलसी
क्या ग्वालियर के प्रभार से दबाव में हैं सिलावट
आखिर क्यों प्रेस मीडिया से बचते हैं तुलसी
जवाब नहीं हैं या किसीने चुप रहने का दिया है आदेश
कौन है सिलावट के मौन का जिम्मेदार
सिंधिया सरकार या फिर संगठन का डंडा
देखिए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ungali.in पर
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मध्यप्रदेश अजब है गजब है और वो इसलिए कि यहाँ कैबिनेट मंत्री भी लूप लाइन में होते हैं तो सोचिए कि जनता की लाइन कौनसी होगी। और ये हम नहीं कह रहे ये कहना है प्रेस मीडिया से एक निश्चित दूरी रखने वाले प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट का और यही नहीं तुलसी सिलावट ने साफ तौर पर खबरें नहीं बनने देने पर कहा कि विभाग विभाग छोड़ो मैं कोई खबर नहीं देता। जब पत्रकारों ने मंत्री जी से पूछा कि जनता जवाब माँगती है तो उन्होंने बेहद चिकनी चुपड़ी चाशनी युक्त बोलवचन से पत्रकारों को बहला दिया। और पत्रकार भी बेचारे क्या करते जब कोई जनप्रतिनाधि जनता के मुद्दों पर चुप्पी साध ले तो क्या किया जा सकता है। अब ये चुप्पी सरकार का आदेश है या फिर संगठन का ये तो मंत्री जी ही जानें लेकिन इतना तय है कि जनता के वोट से सत्ता में आने के बाद जनता की समस्याओं के सवालों पर चुप्पी कहीं आगामी चुनाव में इनके महाराज पर भारी न पड़ जाए क्योंकि ग्वालियर के आँगन में ये तुलसी महाराज की कृपा से ही फल फूल रही है। वैसे भी एक समय हर बात पर हाजिरजवाब रहने वाले महाराज भी आजकल पता नहीं क्यों और किसके इशारों पर मौन साधे हैं ये भी शोध का विषय है क्योंकि तुलसी हिलावट समेत अंचल के तमाम मंत्री और नेता महाराज के ही नक्शे कदम पर आम जनता के मुद्दों पर मौनव्रत रखे हुए हैं।
