ग्वालियर_163 की प्रतिबंधात्मक धारा लगाने वाली कलेक्टर के बंगले पर ही उड़ीं कानून व्यवस्था की धज्जियाँ,
मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों के परिजनों का कलेक्टर रूचिका चौहान के बंगले पर हल्लाबोल
4 थाना प्रभारी_एक एसडीएम_एडिशनल एसपी भी नहीं रोक पाए धारा 163 का उल्लंघन।
कलेक्टर बंगले के दरवाजे पर बैठीं ये वो माँएं हैं जिन्होंने अपने बच्चों को ग्वालियर के मदरसे में तालीम लेने भेजा था लेकिन उन्हें क्या पता था कि सरकारी कागजों में यह मदरसा अवैध है। अब ये माँएं प्रशासन द्वारा मदरसे पर छापामार कार्रवाई के बाद अपने बच्चों से मिलने की गुहार लगा रही हैं जिन्हें कार्रवाई के बाद प्रशासन ने CWC की अभिरक्षा में सौंप दिया गया था।
ग्वालियर में पिछले दिनों बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे मदरसे में बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा कार्रवाई के बाद मुस्लिम समुदाय में प्रशासन के प्रति आक्रोश देखने को मिल रहा है। आज मदरसा दारुल कुरान में रहकर पढ़ने वाले बच्चों के परिजनों ने कलेक्टर बंगले का घेराव किया। बच्चों के परिजनों के महाराष्ट्र उत्तरप्रदेश है आए बच्चों के परिजनों समेत स्थानीय लोगों और मुस्लिम संगठन ने भी कलेक्ट्रेट बंगले का घेराव किया। कलेक्ट्रेट बंगले का घेराव कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी नोंकझोंक देखी गई। हालांकि लगभग दो घंटे चले इस धरने प्रदर्शन के बाद चार थाना प्रभारी और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच एसडीएम अतुल सिंह और एडीशनल एसपी शिवेश ने समझाइश देकर प्रदर्शन कारियों को रवाना कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उन्हें अपने बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि मामला CWC के पास है आज का अवकाश होने के चलते सुनवाई नहीं हुई है कल कार्यालय खुलने पर परिजनों से बच्चों के दस्तावेज मँगाकर बच्चों को उनके सुपुर्द किया जाएगा।
बाइट-: अतुल सिंह एसडीएम ग्वालियर
बाइट-: शिवेश एडिशनल एसपी ग्वालियर
