कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार का दावा_राजेंद्र सिंह तोमर कांग्रेसी नहीं,
कांग्रेस के खिलाफ लामबंद होने वाले नेताओं को उपकृत करने पर जीतू पटवारी की चुप्पी से बदले समीकरण
पिछले दिनों ग्वालियर पहुँचे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भाजपा में हो रही गुटबाजी और कलह पर जमकर निशाना साधा लेकिन जैसे ही मीडिया कर्मियों ने कांग्रेस में हो रही उठा-पटक और पिछले विधानसभा चुनावों में क्षत्रिय समाज के चंद नेताओं द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी का विरोध करने का सवाल पूछा तो जीतू पटवारी आंय बांय शांय बोलते नजर आए। वहीं दूसरी ओर पीसीसी चीफ से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पर शोषण का आरोप लगाने वाली महिला को महिला कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बनाने पर सवाल पूछा तो वे कैमरे के सामने से हटकर जल्दी से गाड़ी में जा बैठे। बता दें कि पूर्व में हुए विधानसभा चुनावों में ग्वालियर विधानसभा के चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शर्मा का विरोध इसी परिसर से बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके किया गया था जिसमें कांग्रेस के क्षत्रिय के नेताओं ने बगावत करते हुए अपनी ही पार्टी पर टिकट बंटवारे में भेदभाव के आरोप लगाए थे। जिसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शर्मा को हार का सामना करना पड़ा था। वहीं दूसरी ओर उन्हीं की जमात के एक नेता की समर्थक महिला ने सुनील शर्मा पर शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। लेकिन समय बीतने के साथ बगावत करने वाले नेता पीसीसी चीफ के करीबी हो गए और जीतू पटवारी ने उन्हीं के परिसर में छात्रों की गूँज कार्यक्रम में छात्रों को आमंत्रण देने के लिए संवाद कर डाला। बता दें कि चुनाव के समय बगावत करने वाले नेताओं में से अधिकांश नेता आज भी भाजपा के संपर्क में हैं और एक नेता तो बाकायदा भाजपा का दामन थाम चुके हैं। अब चुनाव के समय पार्टी के टिकट वितरण पर सवाल उठाने वाले बागी नेताओं को उपकृत करके जीतू पटवारी कौनसा नया समीकरण साधना चाहते हैं। लेकिन इससे इतना तय है कि वफादार नेताओं को दरकिनार करने वाले जीतू पटवारी के लिए आने वाले समय में कांग्रेस की राह में बड़ी मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।
