गाँधी जी को बचा सकते थे कांग्रेस नेता_पौन घंटे तक नहीं मिली मेडिकल हैल्प
आजादी में सावरकर का गाँधी से ज्यादा योगदान_अखिल भारतीय हिन्दू महासभा
देश विभाजन के दोषी नेहरू जिन्ना और गांधी थे गोडसे के टारगेट पर
गांधी को गोली लगने के बाद कांग्रेस नेताओं ने गांधी जी को बचाने की कोशिश नहीं की,
गोली लगने के बाद भी 45 मिनट तक गांधीजी घटनास्थल पर पड़े रहे
आजादी की बलि वेदी पर लाखों लोगों ने अपनी जानें गंवाईं
आजादी में गांधीजी से ज्यादा योगदान वीर विनायक दामोदर सावरकर का था
वीर सावरकर को वो स्थान नहीं मिला जो मिलना चाहिए था
लाल बहादुर शास्त्री ने अपनी जिम्मेदारी पर इस्तीफा दे दिया था।
भाजपा की राजनीति पर धिक्कार है जो लाल बहादुर शास्त्री को भूल गए
गांधी ने देश का विभाजन नहीं किया होता तो भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होता
देश का विभाजन हुआ इसलिए गोडसे ने गांधी जी को गोली मारी
हुतात्मा नाथूराम गोडसे को पहले गांधी जी मिल गए इसलिए गांधी जी को मार दी गोली
गोडसे और नारायण आप्टे ने ग्वालियर से बगैर लायसेंसी पिस्टल खरीदी
गांधी जी को गोली लगने के बाद भी चिकित्सा सेवाएं न मिलना कांग्रेस द्वारा की गई साजिश की ओर इशारा करता है।
गांधी जी को गोली मारने वाले नाथूराम गोडसे के अनुयायी और अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने बड़ा खुलासा किया है उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस नेताओं पर गांधी जी की हत्या की साज़िश का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि कांग्रेस नेता चाहते तो गांधी जी को बचाया जा सकता था क्योंकि गोली लगने के 45 मिनट तक वे घटनास्थल पर पड़े रहे। मौके पर मौजूद कांग्रेस नेताओं ने उन्हें बचाने की कोशिश नहीं की।
गांधी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने की होड़ में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को दरकिनार कर दिया जी हाँ ये हम नहीं कह रहे ये तस्वीरें बयान कर रही हैं। जहाँ एक ओर पूरा देश गांधी जयंती के मौके पर गांधी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और रंग बिरंगी रोशनी से नहाया हुआ है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राजनीतिक दल गांधी के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं लेकिन क्या ये सचमुच गांधी जी को मानते हैं ये बड़ा सवाल है।
अब करते हैं बात हमारे देश के उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों की जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए लेकिन उन्हें आज कोई याद भी नहीं करता श्रद्धांजलि देना तो दूर की बात है चाहे वो शहीद भगत सिंह हों सुभाष चन्द्र बोस हों खुदीराम बोस हों राम प्रसाद बिस्मिल हों चंद्र शेखर आजाद हों या लाला लाजपत राय या देश के वो क्रांतिकारी जो अपने परिवार बच्चों को छोड़कर आजादी की राह में शहीद हो गए। अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने नारायण आप्टे नाथूराम गोडसे वीर सावरकर समेत तमाम उन लोगों को स्वतंत्रता का महानायक बताया है जिन्होंने गांधी के विचारों से असहमत होकर अंग्रेजों को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया। वे कहते हैं कि गोडसे के टारगेट पर भारत को विभाजित करने के सबसे बड़े दोषी मोहनदास करमचंद गांधी जवाहरलाल नेहरू और मोहम्मद अली जिन्ना तीनों ही थे। लेकिन सामने गांधी जी आ गए और गोडसे ने उन्हें तीन गोलियां मार दीं। गोडसे की अस्थियां आज भी उनके घर में सुरक्षित हैं क्योंकि उनकी अंतिम इच्छा थी कि मेरी अस्थियां अखंड भारत होने के बाद विसर्जित की जाएँ। बहरहाल गांधी जी की हर नोट पर फोटो और नेताओं द्वारा मजबूरी में गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करना यही जाहिर करता है कि गांधी जी अब प्रासंगिक नहीं रहे। हालांकि दिखावे के तौर पर भाजपा कांग्रेस हर गांधी जयंती पर उन्हें याद अवश्य करती है लेकिन क्या ये सचमुच गांधी को मानते हैं जैसा कि आज सत्य दिवस मनाकर उन्हें श्रद्धांजलि देने का पाखंड किया जा रहा है। सुनिए कि अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने क्या कहा।
