परिवहन मंत्री ने दी चेतावनी
सावधान_आपका वाहन हो जाएगा कबाड़ यदि 15 साल पुराना है तो_ये रखें सावधानी
https://youtu.be/lnO1Q8wuOQ4?si=wKuFGu0h8zdBL8G9
केंद्र सरकार के सिस्टम और मोर्थ की गाइडलाइन के अनुसार मध्य प्रदेश में भी वाहनों के दस्तावेज दुरुस्त रखने का समय आ गया है..
अगर आपके वाहन के दस्तावेज एक्सपायर हो गए, तो वाहन का नंबर और वाहन आर्काइव में चला जाएगा.. इसके साथ ही वाहन को आप ना बेच पाएंगे और न वाहन ट्रांसफर हो सकेगा..केंद्रीय सड़क और परिवहन राजमार्ग मंत्रालय और मोर्थ की गाइडलाइन के अनुसार मध्य प्रदेश में भी इस सिस्टम को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है…
डेटा परमानेंट आर्काइव में गया तो मंत्रालय से ही हो पाएगा अपडेट…
दस्तावेज एक्सपायर हुए तो ‘आर्काइव’ में जाएगा वाहन, न बेच पाएंगे न ट्रांसफर होगा
यदि आपके वाहन का रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, फिटनेस या पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र) एक्सपायर हो चुका है, तो सावधान हो जाएं।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वाहनों के डिजिटल रिकॉर्ड की नई पारदर्शी व्यवस्था लागू कर दी है।
अब वाहन पोर्टल पर गाड़ी का ‘एक्टिव’ स्टेटस खत्म हो जाएगा और दस्तावेजों की वैधता के आधार पर वाहन को ‘नॉन-कम्प्लायंट’ अथवा ‘आर्काइव’ श्रेणी में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। मंत्रालय के निर्देश पर वाहन मालिकों को सतर्क करने के लिए एसएमएस अलर्ट भेजे जा रहे हैं।…
अकेले इंदौर, ग्वालियर आरटीओ क्षेत्र में करीब 95 हजार से अधिक और प्रदेशभर में लाखों वाहन मालिकों को ऐसे संदेश मिले हैं।
4 श्रेणियों में बंटेगा स्टेटस…
एक्टिव-कम्प्लायंटः दस्तावेज (बीमा, पीयूसी, फिटनेस, रजिस्ट्रेशन) पूरी तरह वैध हैं।
आर्काइव श्रेणी में पहुंचे वाहनों को दोबारा ‘एक्टिव’ कराने के लिए डिजिटल और मैनुअल दोनों तरह का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा।
यदि किसी वाहन का डेटा परमानेंट आर्काइव में चला जाता है, तो उसे दोबारा एक्टिव कराने का अधिकार स्थानीय आरटीओ के पास नहीं होगा।
उसे केवल केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के स्तर से ही अपडेट किया जा सकेगा। वहीं, शुरुआती चरण में RTO से ही वैरिफिकेशन संभव है।
एक्टिव-नॉन-कम्प्लायंट : एक भी दस्तावेज एक्सपायर होने पर वाहन को इस श्रेणी में दर्ज किया जाएगा।
टेम्परेरी आर्काइव : लंबे समय से दस्तावेज अपडेट न कराने पर अस्थायी आर्काइव में डाला जाएगा।
परमानेंट आर्काइव : समयावधि पूरी होने के बाद भी लापरवाही बरतने पर वाहन इस श्रेणी में चला जाएगा।
परमानेंट में जाने पर परेशानी तुरंत करें ये पांच काम…
बीमा नवीनीकरणः इंश्योरेंस की वैधता समाप्त होने से पहले रिन्यू कराएं..
इस बारे में मध्य प्रदेश के परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के morth की गाइडलाइन के अनुसार मध्य प्रदेश में सिस्टम को अपडेट किया गया है जिससे वाहनों का डाटा स्वयं आर्काइव में चला जाएगा लेकिन उससे पहले वाहन स्वामी को अपने दस्तावेजों को दुरुस्त करने का भी पूरा मौका मिलेगा वहीं जिले के परिवहन अधिकारी भी दावा कर रहे हैं कि यह सिस्टम ग्वालियर जिले में भी लागू हो चुका है..
बाइट-: राव उदय प्रताप सिंह परिवहन मंत्री,
मध्य प्रदेश
बाइट-: विक्रमजीत सिंह कंग, आरटीओ,ग्वालियर
केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अब
जिन वाहनों के इंश्योरेंस, फिटनेस या पीयूसी की वैधता समाप्त हो गई है, उनके मालिकों को परिवहन पोर्टल से एसएमएस भेजे जा रहे हैं। इसका मकसद वाहन मालिकों को सही स्थिति बताकर समय पर दस्तावेज रिन्यू कराने का अवसर देना है, ताकि बाद में उन्हें परेशानी न हो। वहीं ग्वालियर पहुंचे मध्य प्रदेश के परिवहन मंत्री
ने कहा कि हम लोग लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं और गाइडलाइन को सख्ती के साथ लागू कर रहे हैं। पीएम के नेतृत्व में पूरे देश में पारदर्शी और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को लेकर काम हो रहा है।
उन्होंने बताया कि बसों के पेपर, फिटनेस, लाइफ खत्म होने का डेटा अब ऑटो-मोड पर हमारे कमांड सेंटर में दिखेगा, ऐसा सिस्टम हम डेवलप कर रहे हैं। इसी तरह
15 साल पुरानी बसों को कंडम करने के नियम पर उन्होंने कहा कि यह अभी प्राइमरी स्टेज में है। कई बार 15 साल की बस भी अच्छी स्थिति में होती है अगर स्कूल में चली है तो किलोमीटर कम होते हैं, और कई बसें 10 साल में ही खत्म हो जाती हैं। इसलिए हम ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर के आधार पर निर्णय लेंगे।
बाइट-: राव उदय प्रताप सिंह
परिवहन मंत्री, मध्य प्रदेश,
परिवहन मंत्री का कहना है कि बसों की फिटनेस के मामले में मॉडल कंडीशन के आधार पर
अगर 16वें साल में भी बस फिट है,तो परमिट देंगे और अगर 11 साल में भी अनफिट है तो उसे हटाएंगे। इस पर 4 दिन पहले ही ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के साथ बैठक हुई है।
उन्होंने कहा कि पिछले ढाई-तीन साल में परिवहन में सख्त कार्रवाई हुई है, एक समय 12-14% अधिकारी-कर्मचारी सस्पेंड हुए थे।
