कहाँ और कितने घरों में घुसा सीवर का पानी …
देखिए नगर निगम ग्वालियर के सीवेज ड्रेनेज सिस्टम की हकीकत

स्मार्ट ग्वालियर की बदहाल तस्वीर… अफसर नेता सब गायब…
यहाँ नेता भी आते हैं अधिकारी भी आते हैं और कर्मचारियों के साथ समाजसेवी भी यहाँ आकर आम जनता को मूर्ख बनाते हैं।नेता इसलिए आते हैं कि जनता से वोट चाहिए लेकिन उसके बाद पाँच साल तक गायब हो जाते हैं, अधिकारी इसलिए आते हैं कि काम का दिखावा कर सकें लेकिन अभी तक यहाँ की समस्याओं का निराकरण नहीं हो सका है। अमूमन यही स्थिति हर बारिश में होती है कई घरों में चूल्हा नहीं जलता क्योंकि एक मंजिला इमारत में पानी 4-5 फुट तक भर जाता है और भारी बारिश में छत पर चूल्हा नहीं जलता तो खाना कैसे बनेगा। ग्वालियर के बहोड़ापुर इलाके में स्थित शील नगर में इस तरह के दृश्य आपको हर बरसात में देखने को मिलेंगे क्योंकि ये ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का इलाका है जो यहाँ पर एक बार आए थे वोट मांगने लेकिन उसके बाद उन्होंने यहाँ का रूख नहीं किया। यहाँ के बुजुर्ग पार्षद बेचारे हर बार आते हैं लेकिन हास्यास्पद स्थिति हो जाती है जब महापौर की सुनवाई नहीं होती तो बेचारे पार्षद कोकौ पूछता है। चलिए वो भी ठीक है लेकिन सड़क गली मोहल्लों से लेकर सीवर का पानी घर के अंदर के पोर्च और ड्राइंग रूम के साथ रसोई के अंदर पहुँच जाए और किसीके बच्चों को एक दिन का खाना नहीं मिले तो कोई भी आक्रोशित हो सकता है हालांकि गनीमत है कि ये इलाका शहर में है और बाजार से मंगवा कर खाना खाया जा सकता है वहीं एक बुजुर्ग महिला को लेकर जा रही ई रिक्शा भी पानी में समा गई जिससे बुजुर्ग महिला को चोटें आईं।
लेकिन सुविधाओं के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई से टैक्स वसूलने वाले प्रशासनिक माफिया और नगर निगम ग्वालियर क्या केवल लोगों की मेहनत की कमाई हड़पने के लिए हैं। मंत्री विधायक जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी नहीं है कि जनता को इस समस्या से निजात दिलाई जाए। हालांकि पानी सिर से ऊपर जाने में अभी बहुत समय है कि फिर कहीं ऐसा न हो जाए कि सिंहासन ख़ाली करो कि जनता आती है और अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को मुँह छिपाने के लिए जगह नसीब न हो। इसलिए कहता हूँ इस खबर को चेतवानी समझिए और जल्द ही समस्या का निदान कराएँ क्योंकि पानी कभी भी सिर से ऊपर जा सकता है।
सीवर का पानी हर घर में देखिए वीडियो
