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ग्वालियर में लगी थी एकात्म मानव दर्शन की पहली पाठशाला

एकात्म मानव दर्शन की हीरक जयंती समारोह में प्रदेश के सीएम डॉक्टर मोहन यादव समेत तमाम नेताओं ने की शिरकत 

एंकर-एकात्मक मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने 11 अगस्त 1964 को ग्वालियर के दौलतगंज स्थित रामनारायण धर्मशाला में एकत मानववाद का ड्राफ्ट प्रस्तुत किया था इस अधिवेशन में तकरीबन 500 लोग पूरे देश भर से एकत्रित हुए थे। इस उपलक्ष में आज एकात्मक मानव दर्शन की हीरक जयंती समारोह का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल पूर्व राज्यपाल और कार्यक्रम के अध्यक्ष कप्तान सिंह सोलंकी पूर्व सांसद और कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ महेश चंद्र शर्मा आरएसएस के सह सम्पर्क प्रमुख रमेश चंद्र पप्पा
मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि एकात्माववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्मक से प्रेरित होकर मध्य प्रदेश सरकार अंतिम छोर के व्यक्ति का विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है आज एकात्मक मानव दर्शन के हीरक जयंती के मौके पर मुख्य वक्ता डॉक्टर महेश चंद्र शर्मा सहित अन्य लोगों ने अपने विचार रखें। मध्य प्रदेश की सरकार एकात्म मानव दर्शन के नीति और सिद्धांतों पर चल रही है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ महेश चंद्र ने भी अपने विचार रखे उन्होंने संविधान की अवधारणा और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्मक मानव दर्शन की व्याख्या भी की। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का संविधान एक अंग्रेज द्वारा तैयार किया गया था। इसका जिम्मा उन्होंने बीएन राव को दिया था, लेकिन बाद में जब देश आजाद हो गया तो भारत का संविधान का ड्राफ्ट भारत के हिसाब से डॉक्टर अंबेडकर ने तैयार किया उन्होंने संविधान के निर्माण का श्रेय न तो बीएन राव को दिया और ना ही अंबेडकर को उन्होंने इसका श्रेय अंग्रेज अधिकारी को दिया है। कार्यक्रम में शामिल विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी एकात्म मानव दर्शन को शासन की मूल अवधारणा बताया।
बाइट- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव
बाइट- नरेंद्र सिंह तोमर विधानसभा अध्यक्ष
बाइट- डॉ महेश चंद्र शर्मा पूर्व सांसद

 

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