जनता को मिलावटी जहर परोसने वाले खाद्य माफिया के खिलाफ शिकायत की तो आरटीआई कार्यकर्ता के गुप्तांग में डाल दिया सरिया,
पुलिस ने भी नहीं सुनी पीड़ित की गुहार_मिलावटखोरों के साथ पुलिस की डील

आखिर खाद्य माफिया के निगेहबान क्यों हैं सरकारें…?
कृषि और खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन की जुगलबंदी देखिए खास रिपोर्ट
ग्वालियर में मिलावटी खाद्य पदार्थ बेच रहे खाद्य माफियाओं का बड़ा कारनामा सामने आया है जहाँ बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के शंकरपुर स्थित एक निजी मसाला फैक्ट्री संचालक और उसके गुर्गों पर एक दलित आरटीआई कार्यकर्ता से निर्ममता से पीटने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता रूप सिंह ने आरोप लगाया है कि व्यापारी पर गुप्तांग में सरिया डालने के आरोप भी लगाए हैं।
दरअसल ग्वालियर में खुद को कॉकरोच कहने वाले आरटीआई कार्यकर्ता रूप सिंह बघेल शासन प्रशासन और माफियाओं के खिलाफ लगातार शिकायतें दर्ज करा रहे हैं जो मिलावटी खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने वाले खाद्य माफियाओं को पसंद नहीं आया। दूसरी ओर जब ऑर्गेनिक उत्पाद के नाम पर मिलावटी खाद्य पदार्थ का उत्पादन करने की शिकायत कृषि विभाग के अधिकारियों को की गई तो उन्होंने मामले को सैटल करने के लिए शिकायतकर्ता रूप सिंह बघेल को मसाला फैक्ट्री बुलवा लिया। जब शिकायत कर्ता मौके पर पहुँचा तो मसाला व्यापारी और उसके गुर्गों ने रूप सिंह के साथ बेहद निर्ममता पूर्वक मारपीट की और सरिया उसके गुप्तांगों में डाल दिया उनका मोबाइल छीन लिया और जब इस पर भी बात नहीं बनी तो चले आए अपनी शंकरपुर की व्यापारी यूनियन के साथ थाने में पिटने वाले के खिलाफ शिकायत करने। ये गंभीर आरोप लगाए हैं आरटीआई कार्यकर्ता रूप सिंह ने हालांकि इस मामले में पुलिस का उदासीन रवैया भी देखने लायक था क्योंकि पीड़ित थाने में आवेदन देने के बाद थाने के बाहर अपने मोबाइल वापस करने की गुहार लगा रहा था वहीं दूसरी ओर उसे पीटने वाले व्यापारी अपनी यूनियन के साथ थाना प्रभारी के साथ एयरकंडीशन केबिन में आराम से बैठे थे। खैर व्यापारियों के सत्ता से नजदीकी और राजनीतिक रसूख के चलते कार्रवाई होनी नहीं थी तो नहीं हुई लेकिन इस सबसे एक बात तय है कि आप कुछ भी करें बस राजनीतिक संरक्षण और पैसा आपके हर अपराध पर पर्दा डाल सकता है और यही हुआ इस मामले में हालांकि जब हमने थाने पहुंचे व्यापारियों का पक्ष जानने का प्रयास किया तो उन्होंने कैमरे के सामने आने से इन्कार कर दिया
