RSS के आनुषांगिक संगठन से निकले महेंद्र यादव ने अपनी मातृ संस्था (भाकिसं) को भुलाया,
भारतीय किसान संघ को नाराजगी से फ्लॉप शो बना बलराम किसान महोत्सव।
महेंद्र सिंह दावा करते हैं कि वे 20 सालों से किसानों के हित में प्रोग्राम कर रहे हैं।
*उनके हिसाब से किसानों का हित हो सकता है या उनका स्वयं का हित हो सकता है बलराम जयंती मनाने में उन्होंने एक संस्था बनाई है नंदलाल समिति के नाम से तो उसके हिसाब से मनाते हैं ये सरकार से कुछ मिलता होगा कुछ मिल जाता होगा। उसके संयोजक महेंद्र सिंह जी रहते हैं*
1st introduction *किसान संघ को तो भूल ही गए ये किसान संघ के कार्यकर्ताओं का बहुत बड़ा योगदान और बलिदान रहा है इसमें उन्होंने रात दिन खड़ा किया इनको अपना नेता बनाया किसान संघ के नेतृत्व में इनको बीज निगम मिला।। बीज निगम मिलने के बाद में किसान संघ के एक कार्यकर्ता का एक काम ये बता दें कि मैंने फलाना काम से फलाना लड़का लगवा दिया कि भला कर दिया ऐसा कहीं देखने को नहीं मिला*
ऐसा फिर तो तीन प्रदेश के नेताओं ने या समाज के लोगों ने घेर लिया या कांग्रेसियों ने घेर लिया किसान संघ को भूल गए। अभी भी वही स्थिति है कि पिछली साल बलराम जयंती मनाई इस साल बलराम जयंती मनाई
2nd introduction *किसान संघ के लोगों को मंच पर भी बिठालते थे एक वक्तव्य भी किसान संघ के प्रतिनिधि का होता था अब उसको भूल गए और अब तो जे है कि इस बरस किसान संघ को निमंत्रण देना भी भूल गए*
*ये प्रशासक बनने के बाद में सत्ता में इतने लीन हो गए कि इनके लोग बागों ने इतना इनको घेर लिया चापलूसों ने या लुटेरों ने कि किसान संघ को भूल गए ये बुलाना भी।* *मंच की तो बात छोड़ दीजिए आप ये इनकी मातृ संस्था है कि क्या नहीं मैं नहीं जानता अब क्या है।*
मैं भी प्रांत में ये मेरा 5वां कार्यकाल है प्रांत की कार्यकारिणी में उसके बाद तीन बार मैं जिलाध्यक्ष रहा हूँ जिलामंत्री रहा हूँ जिला सहमंत्री रहा हूँ और बल्कि मैं ग्राम समिति से मंत्री के रूप में मैंने काम प्रारंभ किया है। और एक तहसील के अध्यक्ष लखन सिंह गुर्जर और महेंद्र सिंह ही मुझे लेके गए और मैं जोड़ा था इनने 90-92 से
*मैं तो एक छोटा सा कार्यकर्ता हूँ किसान संघ को भूल गए ये।*
प्रश्न -: तो क्या लगता है कि इस कार्यक्रम से किसानों का भला होगा।
3rd introduction उत्तर-: *सरकार का भला हो सकता है महेंद्र सिंह का भला होता है किसानों का क्या भला होगा तीन लोगों का सम्मान कर दिया होगा वाह वाह हो जाएगी हमारा सम्मान हो गया उनको सम्मान जाएगा कि साहब हमारा सम्मान हो गया किसानों का क्या भला होगा।*
उन्होंने सरकार से सचिवों से सरपंचों को लगा दिया आंगनवाड़ियों को लगा दिया जो सरकार कार्यक्रम करती है वही कार्यक्रम इनका हो गया।
प्रश्न-: कुल मिलाकर जनता का पैसा ऐसा बर्बाद किया गया है
उत्तर-: किसानों का पैसा बर्बाद हुआ है अब क्या हुआ किसका पैसा बर्बाद हुआ वो जानें समिति का हुआ कि सरकार का हुआ है
किसान का भला तो हम जे मान लें कि खाद वितरण हो रहा है साहब फार्मर आईडी बना दी तो उसी से मिलेगा। मैं कह रहा हूँ कि मैंने रजिस्ट्री कराई है 12 बीघा की उसमें से दस बीघे का साल भर हो गई आज तक नहीं हुआ दो बार कलेक्टर महोदया को कॉपी दे आया रजिस्ट्री की।
माताजी पिता जी फौत हो गए उनका नामांतरण होना है फौती का वारिसों के नाम में वो आज तलक नहीं हुआ कैसे होगा कब होगा कब रजिस्ट्री हो कब हमारी फार्मर आईडी बने तब हम खेती में खाद डालें ये हर किसान की परेशानी है। पूरे मौजे के मौजे काऊ का नंबर बदल दिया काऊका रकबा उठाकर दूसरे खेत में पहुँचा दिया दूसरे का किसान दूसरे खेत में पहुँचा दिया।किधर को नक्शा कर दिया आवेदन दे दिया भटक रहा है एक गांव में दस दस बीस बीस किसान हैं एक एक किसान के दस दस बीस बीस नंबर हैं भैया परिवार के तो वो कहां तक आवेदन करेगा कहाँ तक अपील करेगा किसपे इतना पैसा है तो सब कर लिया कोई सुनने वाला ही नहीं है।
चौधरी भूपेन्द्र सिंह गुर्जर
प्रांत कार्यकारिणी सदस्य एवं पशु पालन आयाम प्रांत प्रमुख
इस वीडियो में देखिए पूरी खबर किसने क्या कहा
ग्वालियर में आयोजित हुए बलराम किसान महोत्सव में किसानों के सबसे बड़े किसान संगठन को ही दरकिनार कर दिया गया और यही वजह रही कि मध्यप्रदेश के सीएम डॉक्टर मोहन यादव की अध्यक्षता ग्वालियर के मेला ग्राउंड में आयोजित बलराम किसान महोत्सव में आधे से ज्यादा पंडाल खाली नजर आया। गौरतलब है कि कार्यक्रम के आयोजक महेंद्र सिंह यादव ने अपने सामाजिक जीवन की शुरुआत भारतीय किसान संघ से ही की थी। लेकिन सत्ता संगठन राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते उन्होंने अपने मातृ संगठन को ही भुला दिया। या फिर वे भारतीय किसान संघ को किसानों का संगठन मानते ही नहीं हैं। ये कहना है भारतीय किसान संघ के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य चौधरी भूपेन्द्र सिंह गुर्जर का उन्होंने बीज निगम के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र यादव पर जमकर निशाना साधा। उनका कहना है कि महेंद्र यादव को भारतीय किसान संघ ने ही बीज निगम का अध्यक्ष बनवाया लेकिन किसान संघ के कार्यकर्ताओं के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया। बहरहाल भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों की नाराज़गी इस बात को लेकर तो है ही कि उन्हें इस कार्यक्रम में आने लायक नहीं समझा गया अपितु उन्हें इस बात का भी दुख है कि अपने बीच से निकला व्यक्ति राजनीतिक दल दल में इतना धँस चुका है कि अब अपनी मातृ संस्था को भी भूल चुका है तो समझा जा सकता है कि ये किसानों का कितना भला करेगा। बता दें कि वर्ष 2026 को मध्यप्रदेश सरकार ने क़ृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है लेकिन जमीनी स्तर पर ये घोषणा हवा हवाई साबित हो रही है क्योंकि किसान आज भी नामांतरण सीमांकन समेत राजस्व से संबंधित काम के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर है और जैसा कि भारतीय किसान संघ के संभागीय उपाध्यक्ष कहते हैं कि बिना लेन देन और रिश्वत के कोई काम नहीं होता तो खाद बीज के लिए भटक रहे किसानों की बात तो रहने ही देते हैं क्योंकि फिर किसानों को काम भी सरकार से ही पड़ता है।
फोनो वर्जन-: चौधरी भूपेंद्र सिंह गुर्जर (प्रांतीय अध्यक्ष पशु आयाम प्रमुख भारतीय किसान संघ)
बाइट-: वीरेंद्र शर्मा संभागीय उपाध्यक्ष भारतीय किसान संघ
बाइट-: कीरत सिंह राणा (जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ)
