सिंधिया की शह पर मंत्री की उड़ान_जनता को नहीं पार्टी और मुखिया को देते हैं अपने काम का लेखाजोखा
कभी कभार ग्वालियर की ओर रूख करने वाले ग्वालियर के ही प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट को आज मिर्ची लग गईं और ये मिर्ची इसलिए लगीं कि वे खुद को जनता का नहीं बल्कि पार्टी का सेवक मानते हैं वैसे वो हैं तो केवल और केवल महाराज यानि सिंधिया जी के नौकर और ये साबित हुआ है हर मौके पर जब ग्वालियर के दौरे पर मुख्यमंत्री हों प्रधानमंत्री हों या फिर महाराज यानि सिंधिया जी ग्वालियर में अपने घर पर पधारें। यही पूछना पत्रकार को भारी पड़ गया कि जब महाराज ग्वालियर आते हैं तभी आप क्यों आते हैं। तो तुलसी सिलावट का कहना था कि आप मुझे निर्देश नहीं दे सकते मेरा लेखा-जोखा पार्टी रखती है इसका मतलब साफ हो कि तुलसी सिलावट जनता के नहीं अपनी पार्टी और महाराज के ही नौकर हैं वो तो जनता बेचारी बेवजह वोट देकर इन्हें जिता देती है खैर इससे ये बात तो साफ हो गई कि अब जनता को इनसे कोई उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।
