15 मिनट की बारिश ने किया शहर लबालब
नगर निगम के दावों हकीकत_इस बार फिर बाढ़ के लिए रहिए तैयार
“चलती चक्की देख के दिया कबीरा रोय और दो पाटों के बीच में साबुत बचा न कोय” महापौर और अधिकारियों के बीच में जनता बेचारी पिस रही है ये कहना है ग्वालियर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष हरिपाल का, ग्वालियर में पिछले तीन साल से हो रहे जलभराव हर बारिश में ड्रेनेज सीवेज की समस्याओं के ग्रस्त आम जनता को इस बार भी पुराने हालातों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि महापौर कभी भी जमीन पर जाकर जनता की समस्याओं को नहीं देखतीं। हरिपाल ने ग्वालियर नगर निगम में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महापौर शहर में तो नजर नहीं आतीं परिषद में भी नहीं दिखाई देतीं हम तो परिषद में जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन अधिकारी मेरी ढपली मेरा राग अलाप रहे हैं लगता है कि अब हमें जनसमस्याओं को लेकर सड़क पर उतरना पड़ेगा फिर परिणाम चाहे जो हो।
बता दें कि ग्वालियर में मात्र 15 मिनट की बारिश ने नगर निगम की व्यवस्थाओंं की पोल खोल कर रख दी। दरअसल मानसून से पूर्व भीषण गर्मी के बाद आज दोपहर में हुई हल्की बूंदाबांदी ने ग्वालियर शहर के कम्पू इलाक़े में बाढ़ की स्थिति निर्मित कर दी। गौरतलब है कि ग्वालियर निगम कमिश्नर संघप्रिय ने हमेशा की तरह दावा किया था कि हमने ड्रेनेज और सीवेज सिस्टम को चाक-चौबंद कर दिया है। लेकिन जिस तरह से मात्र 15 मिनट की बारिश में पूरी सड़कें लबालब हो गईं उससे यही लगता है कि इस बार भी ग्वालियर की जनता को जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
