जिला खनिज अधिकारी कर रहे न्यायालय के आदेश का उल्लंघन…?
8 चैकपोस्ट दर्जनों पुलिसकर्मी प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अवैध उत्खनन जारी,
बिलौआ में आधी रात को चोरी छुपे कार्रवाई को भी छुपा गया जिला प्रशासन
हाई कोर्ट के आदेशों की उडी धज्जियाँ बिलौआ में 8 चेक पोस्ट के बावजूद धड़ल्ले से जारी अवैध उत्खनन, जब्त पोकलेन और डंपर पर कार्रवाई दबाने का आरोप।
ग्वालियर डबरा के सबसे बड़े खनन क्षेत्र बिलौआ में खनिज माफिया बेखौफ हैं, हाई कोर्ट के सख्त आदेश भी यहाँ बेअसर नजर आ रहे हैं, राफातपुर में सर्वे नंबर 151-152 पर बिना लीज चल रही थी अवैध खदान, 2 पोकलेन और डंपर जब्त, सवाल 8 चेक पोस्ट और दर्जनों सुरक्षाकर्मी तैनात, फिर कैसे दौड़ रही हैं माफिया की भारी मशीनें? शिकायतकर्ता संदीप शर्मा का दावा—जब्ती के कई दिन बाद भी न एफआईआर की कोई खबर न हीं जब्त वाहन राजसात हुए, एनजीटी नियमों के तहत ठोका जाए भारी जुर्माना। जिले का बिलौआ क्षेत्र जहां अवैध उत्खनन को रोकने के लिए माननीय उच्च न्यायालय के बेहद सख्त निर्देश हैं। इलाके में 8 चेक पोस्ट और दर्जनों सुरक्षा जवानों की तैनाती का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत दावों से कोसों दूर है। बिलौआ के ग्राम राफातपुर में बिना किसी लीज और बिना टीपी के चल रही अवैध खदान पर माइनिंग विभाग ने छापा मारकर 2 भारी पोकलेन मशीनें और डंपर तो जब्त कर लिए, लेकिन अब इस पूरी कार्रवाई पर लीपापोती के गंभीर आरोप लग रहे हैं। शिकायतकर्ता संदीप शर्मा ने जिला खनिज अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर माफिया गिरोह पर तत्काल एफआईआर और वाहनों को राजसात करने की मांग की है।
बता दें की बिलौआ क्षेत्र में खनिज माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि न तो प्रशासन का खौफ है और न ही अदालत के आदेशों की परवाह। ताजा मामला ग्राम रफातपुर के सर्वे क्रमांक 151 और 152 का है। जहां न कोई स्वीकृत खनन पट्टा है और न ही ट्रांजिट पास (TP), इसके बावजूद भारी पोकलेन मशीनों के दम पर पहाड़ों का सीना चीरा जा रहा था। शिकायतकर्ता संदीप शर्मा की सटीक सूचना पर खनिज विभाग की टीम ने 8 सितंबर की दरमियानी रात छापामार कार्रवाई की। मौके से दो पोकलेन मशीनें—एक टाटा हिताची और एक वोल्वो—समेत एक टाटा टिपर डंपर को जब्त कर बिलौआ थाने की सुपुर्दगी में दिया गया। लेकिन कार्रवाई के कई दिन बीत जाने के बाद भी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, शिकायतकर्ता का आरोप है कि इलाके के आदतन अपराधी अरविंद शर्मा, रोशन शर्मा और रामू कटारे संगठित गिरोह बनाकर इस अवैध कारोबार को चला रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जब्ती को कई दिन बीत जाने के बावजूद विभाग ने अब तक न तो जब्ती पंचनामा सार्वजनिक किया है, न ही आरोपियों पर दर्ज धाराओं और एफआईआर का कोई स्टेटस सामने आया है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि रसूख के दम पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर वाहनों को बिना ठोस कार्रवाई के छोड़ने की तैयारी तो नहीं चल रही? जब हमने खनिज अधिकारी पंकज ध्वज मिश्रा से आधी रात को हुई इस कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी तो उन्होंने कोई भी जानकारी देने से इन्कार कर दिया वहीं जिस थाने में यह मशीनों को डम्पर को जब्त कर रखा गया है उस थाने की टीआई ईला टंडन ने भी चुप्पी साध ली है वहीं दूसरी ओर ग्वालियर की कलेक्टर का मौन कहीं न कहीं किसी बड़ी मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है।
शिकायत में मांग की गई है कि MMDR एक्ट के तहत जब्त मशीनों को तत्काल राजसात किया जाए। पर्यावरण को पहुंचाए गए नुकसान के लिए NGT के नियमों के तहत भारी पर्यावरणीय जुर्माना वसूला जाए। और पूरे मामले की निष्पक्ष स्टेटस रिपोर्ट सार्वजनिक कर मुख्य आरोपियों पर सख्त वैधानिक शिकंजा कसा जाए।
बाइट-: संदीप शर्मा शिकायत कर्ता।
