शहर में रेत माफिया के आगे नतमस्तक पुलिसकर्मी उड़ा रहे कोर्ट के आदेशों की धज्जियाँ,
अवैध रेत परिवहन के ऐवज में बीच चौराहे रिश्वत का खेल जारी
मध्यप्रदेश पुलिस का मोटो है देशभक्ति जनसेवा और इसे पुलिस पूरी ईमानदारी से निभाती भी है। अब ये कैसे निभाती है ये हम आपको बताएंगे लेकिन उससे पहले हम आपको आगाह कर दें कि देश में रिश्वत भ्रष्टाचार का पर्याय नहीं है रिश्वत से बड़ी जनसेवा कोई नहीं होती क्योंकि इससे रिश्वत लेने वाले पुलिस अफसरों और नेताओं के साथ उन माफियाओं के भी घर परिवार चलते हैं जो इसे सामान्य व्यवहार में ले आए हैं। आखिर यह माफिया भी जनता में आते हैं तो पुलिस यदि इनकी सेवा करती है तो इसमें बुरा क्या है।
ठीक ऐसा ही एक मामला सामने आया ग्वालियर के इंदरगंज थाना क्षेत्र में जहाँ सड़कों पर दौड़ती रेत की अवैध ट्रैक्टर ट्रॉली से पहले एक पुलिस कर्मी ने वसूली की उसके बाद जनता की सेवा में लगे पुलिस वाहन 112 ने भी अपनी जेब भरी और अवैध रेत माफिया की सेवा करने में अहम भूमिका निभाई। 3 मिनट 20 सैकंड के वीडियो में आप देखेंगे कि शहर की सड़कों पर रेत माफियाओं की तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉलियों के कहर के आगे पुलिस प्रशासन नतमस्तक है कैसे पहले एक पुलिस कर्मी ने अवैध रेत से भरी ओवरलोड तीन ट्रैक्टर ट्रॉलियों को रास्ता दिया उसके बाद दिन रात देश भक्ति जनसेवा में जुटी पुलिस की 112 ने भी रेत माफिया की सेवा करके पुण्य लाभ कमाया और हाँ इस पूरे वीडियो में एक बार भी ट्रैक्टर ट्रॉली चालक से रेत की रॉयल्टी या ट्रैक्टर ट्रॉली के दस्तावेज नहीं मांगे गए क्योंकि पुलिस को पता है कि ये बेचारे मासूम हैं इन्हें कुछ नहीं पता ये तो इनके आकाओं को पता होगा और आका कौन हैं ये आप जानते ही हैं।
