ग्वालियर में जमीनी विवाद में बंदूकों की एंट्री,
पुलिस प्रशासन की अनदेखी से बिगड़ रहा मामला
ग्वालियर में जमीनी विवाद के मामले अक्सर ,आमने आते हैं लेकिन यहाँ राजस्व के अधिकारियों और पुलिस के उदासीन के चलते मामूली विवाद हिंसा का रूप अख्तियार कर लेता है यही हुआ है ग्वालियर के महाराजपुरा जाना क्षेत्र के बरैठा गाँव में जहाँ दो पक्षों के बीच विवाद में बंदूकें निकल आईं। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों के होने के चलते कोई भी अनहोनी नहीं हुई। लेकिन पुलिस प्रशासन के उदासीन रवैए से जमीनी विवाद कभी भी खूनी रूप ले सकता है। बहरहाल बंदूकों के साए में विवादित जमीन पर कब्जे और अवैध निर्माण के बीच अधिकारी इंतजार कर रहे हैं कि कब छोटा मामला बड़ा हो और उन्हें कुछ खाने कमाने का मौका मिले।
ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए, मौके पर पहुँचे मुकेश गुर्जर और विजय सिंह के बीच जमकर मुँहवाद हुआ। विवाद के दौरान दोनों ने ही एक दूसरे पर फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगाए है।
दरअसल बरैठा के बलराम नगर में रहने वाले विजय गुर्जर मुकेश गुर्जर के बीच काफी समय से पार्टनरशिप की एक बीघा से अधिक जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। जिसके चलते मुकेश गुर्जर ने विजय सिंह के खिलाफ थाने में आवेदन भी दिए है। मुकेश गुर्जर और उनके पार्टनर मुन्ना सिंह तोमर का कहना है कि विजय सिंह गुर्जर अपराधी प्रवृत्ति का आदमी और बंदूक लेकर हमारी जमीन पर कब्जा किए हुए है। मौके पर इस जमीन के कब्जे के लिए दोनों पक्षों आपसी बहस का वीडियो भी साभने आया है। वहीं दूसरी ओर विजय सिंह गुर्जर का कहना है कि ये जमीन हमने खरीदी है हालांकि उनका यह भी कहना है कि इस जमीन में से 25 प्रतिशत मुकेश सिंह गुर्जर का हिस्सा है और बाकी जमीन मेरी है उनका कहना था कि इस जमीन के केस कोर्ट में भी चल रहा है। विवादित भूमि पर बंदूक लेकर पहरा देने के सवाल पर विजय सिंह का कहना था कि वे अपनी आत्मरक्षा के लिए बंदूक लिए हैं और सरकार ने उन्हें आत्मरक्षा के लिए ही बंदूक का लायसेंस दिया है। मुकेश गुर्जर से जमीन खरीदने वाले रामप्रताप सिंह तोमर उर्फ मुन्ना तोमर ने भी विजय सिंह गुर्जर पर दबंगई के गंभीर आरोप लगाए हैं। बता दें कि ग्वालियर के मुरार एसडीएम ने भी इस मामले में मुकेश सिंह गुर्जर द्वारा की गई शिकायत पर संज्ञान लेकर धारा 145 के तहत दोनों ही पक्षों को नोटिस देने की बात कही है। वहीं उनका कहना है कि इसकी जांच करने के लिए तहसीलदार को निर्देशित करेंगे।
